
आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, शक्ति भवन के सामने सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, कई हिरासत में (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
AAP Protest in Lucknow Against Smart Meters: राजधानी लखनऊ में रविवार को बिजली के स्मार्ट मीटर के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शक्ति भवन के सामने बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की मांग की। इस दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया।
सुबह से ही शक्ति भवन के आसपास का क्षेत्र राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए आप कार्यकर्ता सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि स्मार्ट मीटर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं और बिजली बिलों में अनियमितताएं बढ़ रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कार्यकर्ताओं ने “स्मार्ट मीटर वापस लो” और “जनविरोधी नीतियां बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिल दिए जा रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आप कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले ही एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति थी, लेकिन कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर कार्रवाई करना जरूरी था। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को बाद में थाने ले जाया गया।
प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर पहले से ही विरोध के स्वर उठते रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं।
आप कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह योजना बिना पर्याप्त तैयारी और पारदर्शिता के लागू की गई है, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि जब तक सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोका जाए।
इस प्रदर्शन के बाद राजधानी का राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर जनविरोधी नीतियां थोपने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों का मानना है कि स्मार्ट मीटर जैसे मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
प्रदर्शन के कारण जहां एक ओर राजनीतिक हलचल बढ़ी, वहीं आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। सड़क जाम और भारी भीड़ के चलते लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। कई लोगों ने प्रशासन से अपील की कि इस तरह के प्रदर्शनों के लिए वैकल्पिक स्थान तय किए जाएं, ताकि आम जीवन प्रभावित न हो।
Updated on:
03 May 2026 02:57 pm
Published on:
03 May 2026 02:52 pm
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