पूर्व IAS की पत्नी मोहनी दुबे की हत्या का खुलासा हुआ, जिसमें रिटायर्ड IAS देवेंद्र दुबे के साथ 13 साल से ड्राइवर की नौकरी करने वाले अखिलेश यादव ने अपने भाई और एक साथी के साथ मिलकर हत्या और लूट की प्लानिंग की और अंजाम तक पहुंचाया। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से अपराधी पकड़े गए।
लखनऊ के इंदिरा नगर में रिटायर्ड IAS देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी की हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक करोड़ रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।
लखनऊ के इंदिरा नगर में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अखिलेश यादव के पैर में गोली लगी।
रिटायर्ड IAS देवेंद्र दुबे की पत्नी की हत्या लूट के इरादे से की गई थी। हत्या और लूट की योजना ड्राइवर अखिलेश यादव और उसके भाई रवि यादव ने बनाई थी। दोनों पिछले 13 सालों से काम कर रहे थे। अखिलेश और रवि ने अपने साथी रंजीत के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना की योजना करीब 4 महीने से बनाई जा रही थी।
घटना के खुलासे के लिए 6 पुलिस टीमें, क्राइम ब्रांच, क्राइम सर्विलेंस टीम और थाने की टीमें काम कर रही थीं। सीसीटीवी और DVR की मदद से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी।अखिलेश यादव की निशानदेही पर कुकरैल नाले के पास झाड़ियों से DVR और कैश बरामद किया गया।
शनिवार का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि उस दिन घर की नौकरानी छुट्टी पर थी। तीनों आरोपियों ने मेडिकल और शादी के लोन के कारण इस घटना को अंजाम दिया और लूटे गए माल का एक तिहाई हिस्सा रंजीत को देने की योजना बनाई थी। पुलिस घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।