Tradition Of Uttarakhand:उत्तराखंड में होली महोत्सव की धूम मचने लगी है। राज्य के पर्वतीय इलाकों में विभिन्न स्थानों पर होली गायन शुरू हो चुका है। नौ मार्च को चीर बंधन के साथ रंग पड़ जाएगा।
Tradition Of Uttarakhand: उत्तराखंड में होली की विशिष्ट परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां पर पौष माह के पहले रविवार से ही बैठकी होली गायन शुरू हो जाता है। वसंत पंचमी के बाद श्रृंगार रस से परिपूर्ण होली गायन शुरू हो जाता है। अब शहर-शहर और गांव –गांव होली गायन की धूम मचने लगी है। आज अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के नंदा देवी मंदिर परिसर में दो दिवसीय होलिका महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव का शुभारंभ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा और विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शचि शर्मा ने किया। पहले दिन अल्मोड़ा नगर की 11 महिला होल्यार टीमों ने गीता भवन मंच में खड़ी होली का गायन किया। मां जगदम्बा धारानौला, नियर स्टेडियम टीम, सर्वोदय नगर महिला होली, मातृशक्ति खत्याड़ी, जाखनदेवी महिला टीम, महिला शक्ति तल्ली खत्याड़ी, जन शिक्षण संस्थान समिति, स्यूनराकोट महिला टीम, मां दुर्गाशक्ति, न्यू इंदिरा कालोनी, मां कोकिला महिला सांस्कृतिक दल, जोहार सांस्कृतिक टीमों ने एक से बढ़कर एक होली गायन के साथ स्वांग रचाए।
होली आयोजन समिति अध्यक्ष रीता दुर्गापाल ने बताया कि शनिवार को नगर में होलिका सांस्कृतिक शोभायात्रा सिद्धबाबा मंदिर से नन्दादेवी मंदिर परिसर तक निकलेगी। इसके बाद महिला टीमों सहित भवाली, नैनीताल, हल्द्वानी, रानीखेत, ताकुला की महिलाएं प्रस्तुति देंगी। निर्णायक रंगकर्मी रमेश लाल व रंगकर्मी बृजमोहन जोशी थे। संचालन मीता उपाध्याय व पुष्पा सतीब ने किया।