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Jitin Prasada Viral Love Story: दिल से निकला रिश्ता और राजनीति के गलियारों में गूंजी शादी, जितिन प्रसाद की प्रेम कहानी सुर्खियों में

Jitin Prasada Success Viral Love Story: केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की निजी जिंदगी की प्रेम कहानी एक बार फिर चर्चा में है। टीवी पत्रकार नेहा सेठ से 2007 में शुरू हुई दोस्ती तीन साल में प्यार में बदली और फिर पारंपरिक तरीके से घर रिश्ता भेजकर शादी हुई। 2010 की यह हाई-प्रोफाइल शादी राजनीतिक हलकों में खूब सुर्खियों में रही।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 09, 2026

राजनीति और पत्रकारिता के गलियारों से शुरू हुई दोस्ती, तीन साल की डेटिंग के बाद हुई हाई-प्रोफाइल शादी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

राजनीति और पत्रकारिता के गलियारों से शुरू हुई दोस्ती, तीन साल की डेटिंग के बाद हुई हाई-प्रोफाइल शादी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Jitin Prasada Love Story: राजनीति की गंभीर दुनिया में अक्सर निजी जिंदगी पर पर्दा ही रहता है, लेकिन कुछ प्रेम कहानियां ऐसी होती हैं जो सादगी, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों के कारण खास बन जाती हैं। केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद की प्रेम कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक महिला पत्रकार से मुलाकात, दोस्ती, फिर प्यार और अचानक घर रिश्ता भेजकर शादी,यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। जितिन प्रसाद की राजनीतिक पहचान से देश वाकिफ है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का यह पहलू कम ही लोगों को पता है कि उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी नेहा सेठ को बेहद पारंपरिक अंदाज़ में शादी के लिए प्रपोज किया था।

पहली मुलाकात: 2007 में शुरू हुई कहानी

साल 2007 में पहली बार जितिन प्रसाद की मुलाकात टीवी पत्रकार नेहा सेठ से हुई। यह मुलाकात पेशेवर दायरे में थी, लेकिन बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। दोनों अलग-अलग पेशों से जुड़े थे ,एक तरफ राजनीति की व्यस्त दुनिया, दूसरी ओर मीडिया का तेज़ रफ्तार माहौल। इसके बावजूद विचारों की समानता और आपसी समझ ने रिश्ते को गहराई दी।

दोस्ती से प्यार तक

दोस्ती जल्द ही एक मजबूत भावनात्मक रिश्ते में बदल गई। मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक न करने का फैसला किया। वे दुनिया की नजरों से दूर एक-दूसरे को समझते रहे। करीबी सूत्रों के मुताबिक, शादी से पहले तक उनके रिश्ते की भनक बहुत कम लोगों को थी। दोनों अपने-अपने करियर पर भी उतना ही ध्यान दे रहे थे।

नेहा के लिए आते रहे रिश्ते, लेकिन…

उस दौर में नेहा सेठ के लिए कई विवाह प्रस्ताव आ रहे थे, लेकिन वे सभी को मना कर रही थीं। परिवार, खासकर उनकी मां, इस बात को लेकर चिंतित रहती थीं कि आखिर नेहा किसी रिश्ते के लिए राजी क्यों नहीं हो रहीं। फिर एक दिन हालात बदले, जितिन प्रसाद की ओर से रिश्ता आया। इस बार नेहा ने बिना देर किए तुरंत “हां” कह दी। परिवार के बाकी सदस्य भी इस रिश्ते से खुश हुए और सहमति दे दी।

तीन साल की डेटिंग, फिर शादी का ऐलान

जितिन और नेहा ने करीब तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के स्वभाव, सोच और पारिवारिक पृष्ठभूमि को गहराई से समझा। फिर साल 2010 में अचानक दोनों की शादी की खबर सामने आई, जिसने कई लोगों को चौंका दिया। खास बात यह रही कि जितिन ने खुद पारंपरिक तरीके से नेहा के घर अपना रिश्ता भेजा।

16 फरवरी 2010: हाई-प्रोफाइल शादी

दोनों की शादी 16 फरवरी 2010 को दिल्ली में धूमधाम से संपन्न हुई। यह शादी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही। इस समारोह में उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत कर नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद 20 फरवरी को लखनऊ में भव्य रिसेप्शन आयोजित हुआ, जिसमें राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत की कई हस्तियां शामिल हुईं।

 कौन हैं नेहा सेठ

नेहा सेठ मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं। उन्होंने ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज से पढ़ाई की और आगे की शिक्षा के लिए मुंबई जाकर मास कम्युनिकेशन का कोर्स किया। करियर की शुरुआत उन्होंने मीडिया इंडस्ट्री से की और कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। पत्रकारिता के दौरान उन्होंने राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग की।

मीडिया से राजनीति के मैदान तक

साल 2009 में नेहा ने पत्रकारिता छोड़ दी और राजनीति से जुड़े अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के चुनावी अभियान से जुड़कर काम किया। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार में भी नजर आईं। यह अनुभव उनके जीवन का अलग अध्याय साबित हुआ।

पारिवारिक मूल्यों पर टिकी शादी

जितिन और नेहा की कहानी यह भी दिखाती है कि आधुनिक सोच और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन किस तरह रिश्ते को मजबूत बना सकता है। एक ओर प्रेम संबंध, दूसरी ओर परिवार की सहमति, इस संतुलन ने उनके रिश्ते को स्थायित्व दिया।
राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद जितिन प्रसाद अपने पारिवारिक जीवन को लेकर हमेशा संतुलित नजर आते हैं। सार्वजनिक जीवन में कम ही वे निजी बातें साझा करते हैं, लेकिन यह प्रेम कहानी उनके जीवन का खास हिस्सा मानी जाती है।