Know how to Generate Electricity Bill through Whatsapp in UP. उपभोक्ता को संबंधित कार्यकारी इंजीनियरों (एक्सईएन) (XEN) के व्हाट्सएप नंबर पर बिजली मीटर की रीडिंग की तस्वीरें भेजनी होंगी, जिसके बाद एसएमएस के जरिए उनके पास बिजली बिल पहुंच जाएगा।
लखनऊ. Generate Electricity Bill through Whatsapp in UP. कोरोना काल में बिजली उपभोक्ताओं को डोर टू डोर बिजली का बिल (Electricity Bill) थमाना अब मुश्किल हो गया है। इसको देखते हुए अब ऊर्जा विभाग (UP Power Department) ने उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप (Whatsapp) के जरिए बिल जेनरेट करने व ऑनलाइन बिल (Online Bill) का भुगतान करने की सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। इसके लिए उपभोक्ता को संबंधित कार्यकारी इंजीनियरों (एक्सईएन) (XEN) के व्हाट्सएप नंबर पर बिजली मीटर की रीडिंग (Electricity Meter Reading) की तस्वीरें भेजनी होंगी, जिसके बाद एसएमएस () के जरिए उनके पास बिजली बिल पहुंच जाएगा। दरअसल कोरोना काल के दौरान यूपीपीसीएल (UPPCL) की राजस्व वसूली प्रभावित हुई है। इसका मुख्य कारण कई मीटर रीडरों का कोरोना संक्रमित होना है। जिस कारण घर-घर जाकर बिजली बिल जनरेट नहीं हो पा रहा है और उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं। ज्यादातर उन जगहों में दिक्कत हैं, जहां स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं।
यह होगा तरीका-
बिजली का बिल पाने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली मीटर रीडिंग की तस्वीरें संबंधित कार्यकारी इंजीनियरों (एक्सईएन), अधिकारी (सहायक अभियंता), जूनियर इंजीनियर के फोन नंबर पर व्हॉट्सएप करनी होंगी। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता और बिजली बिलिंग व संग्रह के प्रभारी आरके जैन ने बताया कि जल्द ही एक औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को संबंधित एक्सईएन, एसडीओ/जेई/मीटर रीडर के व्हाट्सएप नंबर पर रीडिंग की तस्वीर के साथ अपना बिजली खाता नंबर भेजना होगा।
एसएमएस के जरिए पहुंचे बिल-
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा भेजी गई तस्वीर को सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा जिससे बिल जनरेट होगा। फिर वह बिल उपभोक्ता को एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। उपभोक्ता अपने बिलों का भुगतान ऑनलाइन कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जो उपभोक्ता मीटर रीडिंग को नोट करने में असमर्थ हैं, वे मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर संबंधित बिजली अधिकारी को भेज सकते हैं। पहली कोविड-19 लहर के दौरान जो सिस्टम लगाया गया था, उसमें सुधार हुआ है। हैंडहेल्ड बिलिंग रोक दी गई थी, उपभोक्ताओं को अपने मीटर रीडिंग की एक तस्वीर/वीडियो के साथ सब-स्टेशन तक पहुंचाने के लिए कहा गया था।
पूर्वांचल में ही करीब चार लाख को नहीं मिला बिल-
अधिकारियों ने कहा कि अप्रैल में जब कोरोना चरम पर पहुंच रहा था, उसी दौरान अधिकतर कर्मचारी संक्रमित हुए। अकेले पूर्वांचल में ही करीब चार लाख उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिल पाए, जिनमें मुख्य रूप से नॉन स्मार्ट मीटर शामिल थे। मध्यांचल, केस्को और पश्चिमांचल सहित अन्य वितरण कंपनियों के साथ भी ऐसा ही हुआ। जैन ने कहा कि यह नया तरीका, मौजूदा प्रणाली के अतिरिक्त होगा। इसमें उपभोक्ता पिछले महीने का बिल सही होने पर नया बिल खुद ही जेनेट करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सुविधा ई-निवारण पोर्टल पर भी उपलब्ध है।