
लखनऊ. अब सैनिक स्कूल में लड़कियां भी पढ़ सकेंगी। सैनिक स्कूलों के इतिहास में यह पहला मामला है जब लड़कों के साथ लड़कियों का पढ़ने का मौका मिलेगा। यह संभव होगा देश के पहले सैनिक स्कूल, सरोजनी नगर, लखनऊ में। लड़कियों के पहले बैच में 15 बेटियों का चयन किया गया है। यह सभी गुरुवार की सुबह कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल में पहुंच गयी हैं।
देश में पहली बार किसी सैनिक स्कूल में लड़कियों को प्रवेश दिया गया है। जिन लड़कियों का चयन किया गया है उनमें कोई किसान की बेटी है तो कोई शिक्षक तो कोई डॉक्टर की बेटी हैं। सभी लड़कियों को नौंवी कक्षा में दाखिला मिला है। फिलहाल यह सभी चार साल तक कैडेट के रूप में पढ़ाई करेंगी।
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गौरतलब है कि देश का पहला सैनिक स्कूल लखनऊ के सरोजनीनगर में 1960 में खुला था। इसके बाद देश में 27 और सैनिक स्कूल खोले गए। खास बात यह है कि इनमें से सभी 27 सैनिक स्कूल आज भी केंद्र सरकार के अधीन हैं, जबकि यूपी सैनिक स्कूल राज्य सरकार के अधीन है। अब तक सैनिक स्कूलों में सिर्फ बालकों को ही कक्षा सात में प्रवेश मिलता था।
आवेदकों की भीड़
स्कूल के रजिस्ट्रार ले. कर्नल यूपी सिंह का कहना है कि इस साल लखनऊ के सैनिक स्कूल में कक्षा सात में लड़कों के लिए 65 सीट हैं। इनमें एडमीशन के लिए 4900 आवेदन आए थे जबकि कक्षा नौ में बालिकाओं की 15 सीटों के लिए 2500 आवेदन मिले थे। इस तरह बालकों की एक सीट पर 75 बच्चों ने परीक्षा दी तो बालिकाओं की एक सीट पर 167 परीक्षार्थी शामिल हुईं।