
Gold Silver,Ganesh Chaturthi Rate: गणेश चतुर्थी के साथ देशभर में त्योहारी खरीदारी का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। ऐसे में सोना और चांदी खरीदने वालों की नजर एक बार फिर सर्राफा बाजार पर टिक गई है। इस बीच 16 सितंबर 2026 को वैश्विक स्तर पर होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी घोषणा को बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्याज दर के फैसले और आगे के संकेतों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Gold & Silver की कीमतों पर दिखाई दे सकता है, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय सराफा बाजार पर भी पड़ने की संभावना रहती है।
लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन की ओर से उपलब्ध कराए गए रिटेल बिक्री भाव के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,58,200 रुपये बताई गई है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव करीब 1,46,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव करीब 1,20,200 रुपये प्रति 10 ग्राम है। ये बिक्री दरें खुदरा ग्राहक के लिए बताई गई हैं। इन दरों में जीएसटी, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त होंगे। इसलिए आभूषण खरीदते समय ग्राहक को अंतिम बिल की राशि इन शुल्कों के जुड़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।
चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का रिटेल भाव करीब 2,40,700 रुपये बताया गया है। चांदी के भाव में हाल के समय में तेजी और वैश्विक बाजार के घटनाक्रमों के चलते निवेशकों और कारोबारियों की दिलचस्पी बनी हुई है। त्योहारी सीजन में चांदी के सिक्के, बर्तन और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद भी बाजार में खरीदारी को प्रभावित कर सकती है।
वैश्विक बुलियन बाजार के लिए 16 सितंबर की तारीख इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस दिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर को लेकर घोषणा पर बाजार की नजर रहेगी। ब्याज दरों में बदलाव या फेड की ओर से भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर दिए जाने वाले संकेतों का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और कीमती धातुओं पर पड़ सकता है।
सोने को आमतौर पर आर्थिक और वैश्विक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है। ऐसे में ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। हालांकि किसी भी घोषणा के बाद बाजार की दिशा केवल एक कारक से तय नहीं होती। डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, महंगाई के आंकड़े और निवेशकों की धारणा भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4330 डॉलर का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध बाजार विश्लेषण के अनुसार यदि सोने की कीमत इस स्तर के नीचे क्लोजिंग देती है तो करीब 300 से 400 डॉलर तक की गिरावट का जोखिम बन सकता है। इसके विपरीत 4510 डॉलर के ऊपर क्लोजिंग को नई तेजी की शुरुआत के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि ये तकनीकी स्तर बाजार की संभावित दिशा को समझने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संकेत हैं। वास्तविक बाजार में कीमतें इससे अलग भी चल सकती हैं। इसलिए केवल किसी एक स्तर के आधार पर निवेश का निर्णय लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
चांदी के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। उपलब्ध विश्लेषण के मुताबिक 63 डॉलर के नीचे क्लोजिंग होने पर चांदी में करीब 55 डॉलर तक कमजोरी का जोखिम बन सकता है। यह मौजूदा स्तरों से लगभग 10 से 12 फीसदी की संभावित गिरावट का संकेत माना जा रहा है। वहीं तेजी की स्थिति में 68 से 69.20 डॉलर के बीच का स्तर महत्वपूर्ण रुकावट माना जा रहा है। इसके ऊपर मजबूती मिलने पर बाजार की नजर 72 डॉलर के स्तर पर जा सकती है। इसलिए चांदी खरीदने वाले निवेशकों के लिए भी वैश्विक बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी होगा।
गणेश चतुर्थी से त्योहारी खरीदारी की शुरुआत होने के साथ सोने और चांदी के आभूषणों तथा अन्य उत्पादों की मांग में तेजी आने की उम्मीद है। भारतीय बाजार में त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोने-चांदी की खरीद को परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। ऐसे में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों का एक वर्ग त्योहारों के दौरान खरीदारी करना पसंद करता है।
खरीदारों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे केवल बाजार भाव देखकर खरीदारी न करें, बल्कि आभूषण की शुद्धता, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और जीएसटी सहित अंतिम कीमत की जानकारी जरूर लें। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले तुलना करना ग्राहक के लिए फायदेमंद हो सकता है।
बाजार विश्लेषक पंकज दुबे ने कहा कि के तकनीकी संकेतों के मुताबिक 16 सितंबर के आसपास वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए जल्दबाजी में एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा। सोने और चांदी में जहां तेजी के अवसर दिखाई दे सकते हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण अचानक गिरावट का जोखिम भी बना रहता है। इसलिए निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्य के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। विशेष रूप से छोटी अवधि में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव को समझकर ही कदम उठाना चाहिए।
गणेश चतुर्थी के साथ सराफा बाजार में खरीदारी का माहौल बनने लगा है, लेकिन इस बार वैश्विक घटनाक्रम भी कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 16 सितंबर की अमेरिकी फेडरल रिजर्व की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की चाल पर देश के सराफा कारोबारियों और निवेशकों की नजर रहेगी।
फिलहाल सराफा एसोसिएशन के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 999 चांदी करीब 2.40 लाख रुपये के स्तर पर बताई गई है। ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि ये दिए गए रिटेल बिक्री भाव हैं और जीएसटी, मेकिंग तथा हॉलमार्क शुल्क अलग से जुड़ेंगे। बाजार के संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोना-चांदी खरीदने से पहले भाव और शुल्क की पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। यह जानकारी सामान्य बाजार विश्लेषण पर आधारित है, इसे व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।