केंद्र सरकार ने बजट में किसानों को तोहफा दिया है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिये किसानों को अब तीन के बजाय पांच लाख रुपये तक के ऋण पर छूट मिलेगी। इससे प्रदेश के तीन करोड़ किसानों को फायदा मिलेगा।
Kisan Credit Card: प्रदेश में करीब तीन करोड़ किसानों की जीविका का मुख्य साधन खेती है। इसमें 79.5 फीसदी सीमांत (एक हेक्टेयर जमीन वाले) और 13 फीसदी लघु (एक से दो हेक्टेयर जोत वाले) स्तर के किसान हैं। वर्ष 2023-24 में करीब 1.10 करोड़ केसीसी धारकों ने 1.39 लाख करोड़ रुपये का ऋण लिया था और वर्ष 2022-23 में 1.07 करोड़ किसानों ने 1.28 लाख करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
किसानों को खेती के लिए केसीसी से तीन लाख रुपये तक के ऋण पर तीन फीसदी छूट का प्रावधान है। जो किसान सालभर में ऋण वापस करते हैं उन्हें सिर्फ चार फीसदी ही ब्याज देना पड़ता है। पर, अब किसान केसीसी से पांच लाख तक ऋण ले सकेंगे। इस पर वे तीन फीसदी की छूट ले सकेंगे।
केंद्र सरकार ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना में कम उत्पादकता वाले 100 जिलों को शामिल करने की घोषणा की है। इसमें प्रदेश के पांच जिलों के शामिल होने की उम्मीद है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में खरीफ सीजन में करीब 90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बोई गई थीं। दलहनी फसलें 12 लाख हेक्टेयर और तिलहनी फसलें 6.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गईं।
उत्पादकता के मामले में सोनभद्र, श्रावस्ती, महोबा, चित्रकूट, बांदा, को न्यूनतम माना जाता है। ऐसे में योजना में शामिल होने वाले देश के 100 जिलों में यूपी के ये जिले शामिल हो सकते हैं। योजना में शामिल होने के बाद चयनित जिलों में गुणवत्तापरक बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने, फसल विविधीकरण और ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुधारी जाएगी।