Vehicle Fitness Certificate Mandatory सभी प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों की विंडशील्ड पर इस फिटनेस सर्टिफिकेट प्लेट (Fitness Certificate Plate) लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। ये फिटनेस प्लेट गाड़ियों की नंबर प्लेट की तरह होगी। जिस पर फिटनेस की एक्सपायरी डेट साफ-साफ लिखी होगी।
प्रदूषण यूपी सहित पूरे देश के लिए एक बड़ी समस्या है। तो प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय ने 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate) अनिवार्य कर दिया है। सभी प्राइवेट और कमर्शियल वाहनों की विंडशील्ड पर इस फिटनेस सर्टिफिकेट प्लेट (Fitness Certificate Plate) लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। ये फिटनेस प्लेट गाड़ियों की नंबर प्लेट की तरह होगी। जिस पर फिटनेस की एक्सपायरी डेट साफ-साफ लिखी होगी। नीले स्टिकर पर पीले रंग से लिखा होगा कि वाहन कब तक फिट रहेगा। इसमें तारीख-महीना-साल (DD-MM-YY) इस फॉर्मेट को अंकित किया जाएगा। सरकार ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह यूपी में भी शीघ्र लागू हो जाएगा।
नए नियम के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए नियम के लिए जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में अभी 1 महीने तक जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद सरकार इस नियम को लागू कर देगी। सरकार के इस फैसले में 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने निजी वाहनों को सड़क से हटाने का आदेश दिया जाने वाला है। आकड़ों पर नजर डालें तो देश में 20 साल से पुराने 51 लाख लाइट मोटर वाहन और 15 साल से पुराने 34 लाख वाहन चलाए जा रहे हैं। इस कानून का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों पर बड़ा जुर्माना करने का प्रावधान भी सरकार कर रही है।
1 अप्रैल से सख्ती से लागू होगा यह नियम
सड़क परिवहन मंत्रालय के हिसाब से लगभग 17 लाख मीडियम और हेवी कमर्शियल वाहन 15 साल से पुराने हैं और वेलिड फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना चलाए जा रहे हैं। दो-पहिया वाहनों की बात करें तो इनमें जो भी खाली जगह होगी वहां ये फिटनेस सर्टिफिकेट लगाया जाएगा। जैसे कि मडगार्ड या फिर मास्क अथवा एप्रॉन। दिल्ली और हरियाण सरकार पहले ही ये फैसला सुना चुकी हैं। 1 अप्रैल से इस नियम को सख्ती से लागू कर देगी। अलर्ट रहें, नया नियम लागू होने के बाद बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले पुराने वाहन अगर सड़क पर चलते पाए गए तो उन्हें तत्काल स्क्रैप होने के लिए भेज दिया जाएगा।