UP News: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए बोयमैट्रिक से उपस्थिति गर्ज करना अनिवार्य हो गया है। यदि ऐसा नही हुआ तो शिक्षकों का वेतन कट जाएगा।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति अनिवार्य की गयी है। शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को आदेश जारी किये हैं। छात्र छात्राओं को अच्छी शिक्षा प्रदान करने के मकसद से यह व्यवस्था लागू की गयी है। विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य हो इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की निर्धारित 100 दिवस की कार्ययोजना में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक मशीन से प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शिक्षा निदेशक ने निर्देशित किया गया है कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मियों की बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति अनिवार्य की जाये। संस्था प्रधान की ओर से प्रतिमाह वेतन बिल के साथ बायोमैट्रिक उपस्थिति भी प्रस्तुत की जाये और उसी के आधार पर वेतन बिल पारित करने की कार्रवाई सुनिश्चित हो।
कुछ स्कूलों में अभी तक नही लगी मशीन
प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों गर्मियों की छुट्टियों से पहले ही बायोमैट्रिक मशीनें लगना शुरू हो गया था। लगभग सभी स्कूलों में मशीनें लग गई हैं। लेकिन कुछ स्कूल ऐसे बाकी बचे हैं जहां पर अभी बायोमैट्रिक मशीने नहीं लगी है। ऐसे में डीआईओएस के निर्देश है कि अगर हाजिरी बायोमैट्रिक से नहीं लगी तो वेतन काट लिया जाएगा।
तदर्थ अध्यापकों का विवरण मांगा गया
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 7 अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक मौलिक रूप से नियुक्त, तदर्थ अध्यापकों का विवरण मांगा है। डीआईओएस को निर्देश दिये गये हैं कि वह विवरण का मिलान कर पूरी जानकारी उपलब्ध करायें।