हाथरस के बहाने प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश की जांच भी अब एसटीएफ (STF) की स्पेशल यूनिट करेगी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
लखनऊ. हाथरस के बहाने प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश की जांच भी अब एसटीएफ की स्पेशल यूनिट करेगी। चंदपा थाने में गंभीर धाराओं में दर्ज मामला एसटीएफ की स्पेशल यूनिट के हवाले कर दिया गया है। उधर, एसआइटी इस मामले की जांच रिपोर्ट जल्द सौंप सकती है। अब तक की जांच में सरकार को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों और फंडिंग के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। जांच में पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश समेत तमाम इस्लामिक देशों से योगी सरकार को बदनाम करने के लिए की गई फंडिंग और साजिशों की बात सामने आई है।
फंडिंग के प्रमाण-
तमाम फर्जी सूचनाएं, एडिडेट तस्वीरों और अफवाहें फैलाने के साथ ही पीडि़त परिपार को भड़का कर प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने की बड़ी कोशिश की जा रही थी। ईडी पहले ही इस मामले में पीएफआई के गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ कर रही है। पीएफआई को पश्चिम के एक खनन माफिया से फंडिंग के प्रमाण मिले हैं।
सीबीआइ की खून से सने कपड़े बरामद
हाथरस रेप कांड में जांच कर रही सीबीआई टीम ने गुरुवार को मामले के एक आरोपी लवकुश के घर छापा मारा। परिजनों से पूछताछ के साथ आरोपी का पूरा घर खंगाला गया। करीब ढाई घंटे तक चली इस तलाशी में सीबीआई की टीम को लवकुश के घर से खू्न से सने कपड़े मिले हैं। इसे सीबीआई टीम अपने साथ ले गई है।