
Heavy Rain and Thunderstorm Alert Issued for Lucknow: राजधानी लखनऊ समेत आस-पास के इलाकों में मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के भीतर तेज बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार, हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की पूरी आशंका है। इस चेतावनी के मद्देनज़र जिला प्रशासन, नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
इस प्रकार की परिस्थितियों में पेड़ गिरने, कच्चे मकानों को नुकसान और विद्युत आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
लखनऊ जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी SDRF टीमों, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और बिजली विभाग की टीमों को भी सतर्क कर दिया गया है। नगर आयुक्त ने सभी क्षेत्रीय जोन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नालियों की सफाई, जलभराव की निगरानी और तत्काल रिस्पॉन्स टीमों को तैयार रखें।
क्या करें:
क्या न करें:
लखनऊ के कुछ इलाके हर वर्ष की तरह इस बार भी सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। नगर निगम द्वारा घोषित जलभराव संभावित क्षेत्रों में:
इन इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और विद्युत कटौती की संभावना बनी हुई है।
आईएमडी लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एम.के. शर्मा ने बताया कि, "पूर्वी उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण नमी युक्त हवाएं मध्य यूपी में प्रवेश कर रही हैं, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है। अगले 24 से 48 घंटों तक मौसम इसी प्रकार बना रह सकता है।"
लखनऊ और उसके आसपास के जिलों में गुरुवार रात से ही रुक-रुक कर हल्की बारिश हो रही थी। शुक्रवार दोपहर से मौसम ने अचानक करवट ली और काले बादल छा गए। तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को उमस से राहत तो मिली, लेकिन आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर पेड़ गिरा दिए, और बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिला अस्पतालों और सीएचसी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार जैसी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि:
शुक्रवार की दोपहर जब आंधी और बिजली के साथ तेज बारिश की शुरुआत हुई, तो अधिकांश स्कूलों की छुट्टी हो चुकी थी। पर जिन छात्रों की शिफ्ट दोपहर की थी, उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्कूलों की बसें जलभराव में फंस गईं, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल रहा।इसी तरह, दफ्तर जाने वाले लोगों को भी बारिश और ट्रैफिक जाम से दो-चार होना पड़ा।
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि मैनुअल ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिन इलाकों में ट्रैफिक सिग्नल बंद हो सकते हैं, वहां ट्रैफिक कर्मी मौजूद रहेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।