लखनऊ

Heavy Rain Alert : लखनऊ में आफत बनी बारिश: सड़कें जलमग्न, बोलेरो गड्ढे में फंसी, गोमती उफान पर

Heavy Rain in Lucknow: लगातार बारिश से लखनऊ और बाराबंकी में जलभराव और तबाही का मंजर है। आशियाना में बोलेरो गड्ढे में फंसी, हुसैनाबाद गेट क्षतिग्रस्त हुआ और पेड़ गिरने से दहशत फैल गई।
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Sep 26, 2026
आशियाना से हुसैनाबाद तक जलभराव का कहर, सड़क धंसी तो गड्ढे में फंसी बोलेरो; गोमती का बढ़ा जलस्तर, पेड़ गिरने से दहशत (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
आशियाना से हुसैनाबाद तक जलभराव का कहर, सड़क धंसी तो गड्ढे में फंसी बोलेरो; गोमती का बढ़ा जलस्तर, पेड़ गिरने से दहशत (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Heavy Rain Alert Lucknow Barabanki : राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले करीब 48 घंटों से जारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सड़कें और गलियां पानी में डूब गई हैं, जबकि कई स्थानों पर बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। आशियाना के सेक्टर-एम में जलभराव के कारण सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई कि सड़क पर बने गड्ढे में एक बोलेरो फंस गई। वाहन को निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई इलाकों में लोग अपने वाहनों को धक्का देकर निकालते नजर आए।

आशियाना में सड़क बनी मुसीबत

आशियाना के सेक्टर-एम सहित आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के बाद जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क पर पानी जमा होने के कारण जगह-जगह गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसी दौरान एक बोलेरो सड़क पर बने गड्ढे में फंस गई। स्थानीय लोगों ने मिलकर वाहन को बाहर निकालने का प्रयास किया। जलभराव के कारण पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बाराबंकी के बेगमगंज कर्बला में मकान पर गिरा पेड़ और क्षतिग्रस्त छत। (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान हर वर्ष इलाके में जलभराव की समस्या सामने आती है। उनका आरोप है कि जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी देर की तेज बारिश के बाद भी सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। इस बार लगातार बारिश होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त किए जाने की मांग की है।

लखनऊ बना 'स्विमिंग पूल', वाहन निकालने में जुटे लोग

राजधानी के कई इलाकों में सड़क और नाले का फर्क मिट गया। कहीं घुटनों तक पानी जमा रहा तो कहीं सड़क पूरी तरह जलमग्न दिखाई दी। जलभराव के बीच एक चारपहिया वाहन को निकालने के लिए कई लोग धक्का लगाते नजर आए। वहीं साइकिल सवार भी पानी से होकर रास्ता पार करते दिखाई दिए। लाखों रुपये कीमत के वाहन भी पानी के बीच झटके खाते हुए आगे बढ़ते रहे।

बाराबंकी मौके पर पहुंच कर जायजा लेते अधिकारी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh ) 

बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं दे रही थी। इससे गड्ढों में वाहन फंसने और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल पंप लगाकर पानी निकाला जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए।

गोमती का बढ़ा जलस्तर, बैराज के फाटक खोले गए

लगातार बारिश के बीच गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़ने की सूचना है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गोमती बैराज के सभी फाटक खोल दिए जाने की जानकारी सामने आई है। नदी के आसपास के इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका के मद्देनजर आसपास के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति अधिक गंभीर रही। कई जगह नालियां और नाले उफनते नजर आए। लोगों को घरों से निकलने में भी परेशानी हुई। लगातार बारिश के कारण बिजली, यातायात और स्थानीय आवागमन पर भी असर देखने को मिला।

हुसैनाबाद में ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिरा

लगातार बारिश के बीच हुसैनाबाद में ऐतिहासिक गेट का एक छोटा हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। इससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बारिश के कारण ऐतिहासिक इमारतों और पुराने निर्माणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पुराने भवनों और ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे की स्थिति उत्पन्न न हो।

लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर सावधानी की जरूरत

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण लखनऊ से अयोध्या, बाराबंकी और आसपास के मार्गों पर भी यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर तेज हवा के चलते पेड़ों के सड़क पर गिरने से यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। ऐसे में लखनऊ से अयोध्या जी वाया बाराबंकी जाने वाले यात्रियों को घर से निकलने से पहले रास्ते की स्थिति की जानकारी लेने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

बारिश के दौरान यदि रास्ते में जाम लग जाए तो बिना पक्की जानकारी के किसी अनजान संपर्क मार्ग का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता अपेक्षाकृत जल्दी खोले जाने की स्थिति बन जाती है, जबकि ऐसे मार्ग जहां टोल कंपनियों या संबंधित एजेंसियों के कर्मचारियों और संसाधनों की जरूरत होती है, वहां रास्ता साफ होने में अधिक समय लग सकता है।ऐसे में यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में वैकल्पिक और अनजान रास्तों पर जाने के बजाय मुख्य राजमार्ग पर ही रहें और संबंधित विभाग से मार्ग खुलने की जानकारी प्राप्त करें। बारिश के बीच संयमित गति से वाहन चलाना और अनावश्यक यात्रा से बचना भी जरूरी है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा से बचने की सलाह

लगातार बारिश के बीच लखनऊ से ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को गंगा एक्सप्रेसवे की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। बारिश के चलते मार्ग बाधित होने की स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। लखनऊ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक तेज बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे और हाईवे पर दृश्यता कम होने के साथ सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को तेज रफ्तार से बचना चाहिए और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए।

बाराबंकी में मकान पर गिरा पेड़, दो परिवार बाल-बाल बचे

बाराबंकी में भी लगातार बारिश और तेज हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जनपद के बेगमगंज कर्बला, सिविल लाइन स्थित दरगाह वज़न शाह बाबा की मजार परिसर में लगा एक पेड़ देर रात करीब 12 बजे तेज हवा के कारण अचानक पास के मकान पर जा गिरा। हादसे के समय मकान में दो परिवार मौजूद थे। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर परिवार के लोग घबरा गए और किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। स्थानीय निवासी राशिद खान के अनुसार, घटना के समय परिवार के सभी लोग सो रहे थे। अचानक तेज आवाज हुई तो लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। पेड़ गिरने से मकान की छत पर रखी सीमेंट की टीन क्षतिग्रस्त हो गईं और छत को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद दोनों परिवारों में पूरी रात दहशत का माहौल रहा।

रास्ते में पड़ा पेड़, आवागमन प्रभावित

पेड़ गिरने के बाद रास्ता भी बाधित हो गया। इससे परिवार के लोगों को घर से बाहर निकलने और आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना की सूचना स्थानीय सभासद को दे दी गई थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक नगर पालिका की ओर से पेड़ हटाने के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। परिजनों ने नगर पालिका प्रशासन से जल्द से जल्द पेड़ हटवाने और क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण कराकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहने की स्थिति में आसपास के अन्य पेड़ों से भी खतरा बना हुआ है।

लगातार बारिश से बढ़ी चिंता

लखनऊ और बाराबंकी में लगातार बारिश ने एक बार फिर जल निकासी, सड़क की गुणवत्ता और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को अपने घरों और वाहनों की सुरक्षा की चिंता है, वहीं सड़कों पर बने गड्ढे पानी में छिप जाने के कारण हादसे का खतरा बढ़ गया है।

लखनऊ मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट (फोटो सोर्स : Meteorological Department )   

बारिश के बीच सबसे जरूरी है कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। यदि यात्रा जरूरी हो तो रास्ते की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें। विशेष रूप से नदी, नाले, जलभराव वाले क्षेत्रों और पुराने भवनों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है। लगातार बारिश के इस दौर ने राजधानी की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली है। अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत एवं जल निकासी की व्यवस्था कितनी तेजी से की जाती है और क्षतिग्रस्त सड़कों तथा गिरे पेड़ों को हटाने का काम कितनी जल्दी पूरा होता है।