
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 4G/5G वाईफाई एंड्रायड कम्युनिकेशन सिस्टम लगाने का काम शुरू हो गया है। अब पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसे होने की स्थित में सुरक्षा और चिकित्सा का रिस्पांस टाइम तीन मिनट और कम होगा। इसके कारण हादसे की जानकारी कंट्रोल रूम से वायरलेस के जरिए पुलिस थाने, एम्बुलेंस, क्रेन और निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक साथ पहुंच जाएगी। इससे अपेक्षाकृत कम समय में आपात सेवाएं घटनास्थल पर ही मिल जाएंगी। एक्सप्रेस-वे पर यह सिस्टम लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। रिलायंस जियो इसके लिए संचार नेटवर्क उपलब्ध करवाएगा। बता दें कि वर्तमान समय में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा में एक नोडल अधिकारी, 8 सुरक्षा अधिकारी,16 सहायक सुरक्षा अधिकारी, 192 पूर्व सैनिक और 63 वाहन चालक तैनात रहते हैं।
अभी तक अलग-अलग भेजी जाती है सूचना
जानकारी के मुताबिक अभी तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हादसे होने की स्थित में कंट्रोल रूम से अलग-अलग सेवाओं के लिए सूचना अलग-अलग भेजी जाती है। इस कारण जरूरी सेवाओं का रिस्पांस टाइम अपेक्षाकृत अधिक हो जाता है। यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने अब जीएसएम आधारित 4G/5G वाई-फाई एंडरायड कम्यूनिकेशन आधारित वायरलेस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है।
एक करोड़ रुपये आएगी लागत
इस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च आएगा। यूपीडा ने हादसे के बाद घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एक्सप्रेस-वे के निकटतम वाले 57 पीएचसी और सीएचसी चिन्हित किए हैं। किसी भी सूचना पर कम से कम समय में घायलों को वहां पहुंचाया जा सकता है। एम्बुंलेंस पहुंचने का काम भी तेजी से हो सकेगा।
आटो ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लग रहा है
इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर सुचारू रूप से यातायात संचालन के लिए एडवांस आटो ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है। 350 कैमरों व स्पीडोमीटर के जरिए ओवर स्पीड वाले वाहनों का चिन्हित किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है। 340.82 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस-वे यूपी की राजधानी लखनऊ के चांदसराय से शुरू होकर गाजीपुर के हैदरिया गांव में जाकर खत्म होता है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 9 जिलों को जोड़ता है, जो लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर हैं।