
बीजेपी के नए यूपी प्रभारी विनोद तावड़े (फोटो एएनआई)
Vinod Tawde UP Incharge Visit:भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े प्रदेश की सियासी नब्ज टटोलने के लिए बुधवार को तीसरी बार लखनऊ पहुंच रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों को और धार देने के मकसद से वह अवध और पूर्वांचल क्षेत्रों का विशेष फोकस रखेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे।
विनोद तावड़े 18 अगस्त 2026 को यूपी बीजेपी के प्रभारी बने थे। उसके बाद यह उनका प्रदेश का तीसरा औपचारिक दौरा है। पहली बार उन्होंने लखनऊ में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिया था। दूसरी बार राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष के साथ लखनऊ आए और कानपुर का भी दौरा किया था। इस बार उनका मुख्य जोर अवध और पूर्वांचल के सियासी माहौल को समझने पर रहेगा। साथ ही संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को दिशा देने पर काम करेंगे।
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष भी मंगलवार देर रात लखनऊ पहुंच चुके हैं। वह बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं की मौजूदगी से पार्टी के चुनावी रोडमैप को और स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद है।
तावड़े बुधवार शाम को लखनऊ पहुंचेंगे। यहां से 17 और 18 सितंबर को वह गोरखपुर जाएंगे और गोरखपुर क्षेत्र की बैठक करेंगे। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र होने के कारण यहां की तैयारियों पर खास नजर रहेगी। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को अवध क्षेत्र की बैठक के लिए अयोध्या जाएंगे। काशी क्षेत्र की बैठक प्रयागराज में 21 और 22 सितंबर को करेंगे।
इन बैठकों में क्षेत्रीय पदाधिकारियों के अलावा जिलाध्यक्ष, प्रभारी और निचले स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। तावड़े का जोर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर रहेगा। वह विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के मजबूत और कमजोर पक्षों पर फीडबैक लेंगे। वर्तमान विधायकों के कामकाज की समीक्षा के साथ संभावित प्रत्याशियों पर भी चर्चा होगी।
विनोद तावड़े के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सियासी माहौल को गहराई से समझना है। इसमें अपनी पार्टी के साथ-साथ विपक्षी दलों के मजबूत और कमजोर पक्षों का आकलन भी शामिल है। संगठन की स्थिति, सरकार के कामकाज, मौजूदा विधायकों का प्रदर्शन और संभावित प्रत्याशियों को लेकर लोगों की राय ली जाएगी। इसी फीडबैक के आधार पर आगे की चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तावड़े का फोकस 4C यानी कोऑर्डिनेशन (समन्वय), कैडर (कार्यकर्ता), कास्ट (जाति समीकरण) और कैंडिडेटचर (उम्मीदवारी) पर रहेगा। हर बूथ को मजबूत बनाने और किसी भी जाति को अछूता न छोड़ने का मंत्र पहले भी उन्होंने पदाधिकारियों को दिया था। इस दौरे में वे जमीनी स्तर की कमियों को दूर करने और संगठन में नई ऊर्जा भरने पर जोर देंगे।
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा केंद्र और प्रदेश दोनों स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर चुकी है। तावड़े को बिहार और अन्य राज्यों में संगठन प्रबंधन का अनुभव है। उन्हें यूपी जैसे बड़े और जटिल राज्य में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी के अंदर यह माना जा रहा है कि अवध और पूर्वांचल जैसे क्षेत्रों में संगठन की स्थिति को बेहतर बनाने की जरूरत है। 2024 लोकसभा चुनाव में कुछ क्षेत्रों में पार्टी को अपेक्षा से कम सीटें मिली थीं। इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तावड़े के दौरे से स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में नई सक्रियता आने की उम्मीद है।
तावड़े के पिछले दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई थी। उस दौरान संगठन और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया था। इस बार भी इसी दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
पार्टी कार्यकर्ता स्तर पर बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और स्थानीय मुद्दों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। संभावित प्रत्याशियों की सूची और उनकी स्वीकार्यता पर भी चर्चा होगी। तावड़े के इस प्रवास से पार्टी को 2027 के चुनाव के लिए ठोस रोडमैप बनाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, विनोद तावड़े का यह तीसरा दौरा यूपी बीजेपी की चुनावी तैयारियों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। अवध, पूर्वांचल और काशी क्षेत्रों की जमीनी हकीकत समझने के बाद पार्टी अपनी रणनीति को और सटीक बनाएगी।
Updated on:
16 Sept 2026 09:22 pm
Published on:
16 Sept 2026 09:22 pm
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