अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नया ट्रस्ट बनाकर रामलला विराजमान का मंदिर बनाने का आदेश दिया है।
लखनऊ. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नया ट्रस्ट बनाकर रामलला विराजमान का मंदिर बनाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ट्रस्ट के गठन की तैयारी भी चल रही है। वहीं राम जन्मभूमि मन्दिर के मामले में प्रारम्भ से न्यायिक लड़ाई लड़ती रही अखिल भारत हिन्दू महासभा भी ट्रस्ट बोर्ड में शामिल होने का दावा करेगी। पार्टी की प्रान्तीय पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें बताया गया कि सीएम योगी से पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का प्रतिनिधि मण्डल मुलाकात करेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुये प्रदेश अध्यक्ष पीयूषकान्त वर्मा ने बताया कि जिस तरह गोरक्षनाथ पीठ के महन्तों दिग्विजयनाथ और अवैधनाथ ने हिन्दू महासभा में रहते हुये आन्दोलन किया और न्यायिक लड़ाई में भूमिका निभायी, उसको देखते हुये बनने वाले ट्रस्ट बोर्ड में हिन्दू महासभा के प्रतिनिधि को जगह मिलना न्यायसंगत होगा। इसके अलावा बैठक में संगठनात्क ढांचे को लेकर भी चर्चा की गयी। जिसमें हिन्दू महासभा की मजबूती के लिये प्रदेषभर में कार्यक्रम को शुरू करने के साथ अधिक से अधिक लोगों को सदस्य बनाने पर जोर दिया गया।
यह तीन ट्रस्ट पहले भिड़े आपस में-
अयोध्या में तीन ट्रस्ट श्रीराम जन्मभूमि न्यास, रामालय ट्रस्ट और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास पहले ही स्थापित हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार चौथा ट्रस्ट बनाने की तैयारी में हैं। इस नए ट्रस्ट में अयोध्या के कई संतों ने सीएम योगी को सरकारी ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाये जाने की मांग की है।