Holi 2023: पिछले 6 सालों में प्रदेश में सभी धर्म-सम्प्रदाय के पर्व-त्योहारों के आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुए हैं। इस क्रम को आगे भी बनाए रखना होगा।
मार्च महीने में आने वाले त्योहार होली, शब-ए-बारात, रमजान, नवरोज, चैत्र नवरात्र और रामनवमी पर्व-त्योहारों का आयोजन शांति रूप से हो। इसके लिए सीएम योगी ने शासन स्तर, जिला, रेंज, जोन और मंडल स्तर पर तैनात सीनीयर अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
त्योहारों को लेकर सतर्क रहें अधिकारीः योगी
सीएम योगी ने कहा आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण पर्व-त्योहारों पर कई जगहों पर शोभायात्रा और मेले का आयोजन होगा। कानून-व्यवस्था को देखते हुए यह समय संवेदनशील है। हमें सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 6 सालों में प्रदेश में सभी धर्म-सम्प्रदाय के पर्व-त्योहारों के आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुए हैं। इस क्रम को आगे भी बनाए रखना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि पर्व-त्योहार में शासन की ओर से सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा और आस्था को सम्मान दें। लेकिन अराजकता स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। सीएम योगी ने कहा आयोजकों को अनुमति देने से पहले शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए शपथ पत्र लिया जाए।
सीएम योगी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया, “सभी त्योहार शांति और सौहार्द के बीच हो। इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाए। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजकतत्वों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार पूरी कठोरता की जाए। शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को बिना वजह उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें।”
पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करें, PRV-112 एक्टिव रहेंः CM
सीएम ने निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए अधिक पुलिस बल की तैनाती की जाए। पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करें। PRV-112 एक्टिव रहें। सोशल मीडिया को भी लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दी। पर्व-त्योहारों के मौके पर सभी 75 जिलों में गांव हों या शहर, बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
शोभायात्रा और जुलूस में ऐसी कोई भी गतिविधि न हो जो दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को उत्तेजित करे। अश्लील और फूहड़ गीत कतई न बजें। धर्मस्थलों पर रंग न डाले जाएं।थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक करें। शांति और सौहार्द के लिए मीडिया का सहयोग लें।
त्वरित कार्रवाई और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान तत्काल खुद मौके पर पहुंचें। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। सेक्टर स्कीम लागू करें। छोटी सी अफवाह माहौल को बिगाड़ सकती है, ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहना होगा।
आवागमन की हो सुविधा
पर्व-त्योहार की खुशियां लोग अपने परिजनों के साथ मनाना चाहते हैं। दूसरे प्रदेशों और नगरों में रह रहे लोग होली के मौके पर अपने घरों को लौटेंगे। लोगों को गंतव्य तक आवागमन में सुविधा हो। इसके लिए परिवहन विभाग को समय से तैयारी कर लेनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त बसों को लगाया जाए। आवश्यकतानुसार अनुबंधित बसों की संख्या बढाएं। कहीं भी लोगों को आवागमन में समस्या न हो। हर रूट पर बसों की उपलब्धता बनी रहे।
बिजली की हाईटेंशन लाइन के पास न हो होलिका दहन
होलिका दहन के स्थलों पर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। बिजली की हाईटेंशन लाइन के पास होलिका दहन न हो। बिजली के ढीले और लटकते तारों को समय से व्यवस्थित कर लिया जाए। होली के अवसर पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन ब्रज क्षेत्र में हो रहा है। इसी प्रकार, श्रीराम नवमी के मौके पर अयोध्या और चैत्र नवरात्र के मौके पर मां विंध्यवासिनी धाम, देवीपाटन धाम, सहारनपुर में मां शाकुम्भरी धाम सहित विभिन्न शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में लोग आएंगे।
सभी एम्बुलेंस अलर्ट मोड में हों
पर्व-त्योहार के मौके पर स्वास्थ्य सहित सभी तरह की आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट मोड में रखा जाए। सभी एम्बुलेंस अलर्ट मोड में हों। मेडिकल कॉलेज हों या अन्य शासकीय अस्पताल, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। अप्रिय स्थिति के समय तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के छुट्टी को स्थगित रखा जाना उचित होगा।
वाराणसी और मथुरा सहित कई महत्वपूर्ण नगरों में शुक्रवार को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी। इसके देखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए जाएं। आमजन की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। जहरीली शराब का उत्पादन और बिक्री कतई न हो। इसे लेकर सभी जनपदों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।