Cashless Health Scheme- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की मांग को पूरा करते हुए कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ दिया है। राज्य सरकार के फैसले से करीब 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को पांच लाख तक की फ्री सुविधा का लाभ मिलने वाला है। इससे राज्य कर्मचारियों को इलाज का बिल कैश में नहीं देना होगा बल्कि राज्य सरकार द्वारा कार्ड दिया जाएगा।
लखनऊ. Cashless Health Scheme. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की मांग को पूरा करते हुए कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ दिया है। राज्य सरकार के फैसले से करीब 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को पांच लाख तक की फ्री सुविधा का लाभ मिलने वाला है। इससे राज्य कर्मचारियों को इलाज का बिल कैश में नहीं देना होगा बल्कि राज्य सरकार द्वारा कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड को अस्पताल में ले जाकर अपना इलाज कराने में आसानी होगी और खर्च बीमा कंपनी देगी, जिसका राज्य सरकार के साथ करार है। लेकिन कैशलेस इलाज के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। इस सुविधा का लाभ लेने वाले राज्य कर्मियों, पेंशनरों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आइये जानते हैं कैसे करा सकते हैं कैशलेस इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन।
इस तरह करें कैशलेस इलाज के लिए पंजीकरण
कैशलेस इलाज के लिए राज्य कर्मियों और पेंशनरों को सीएचसी पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद स्टेट हेल्थ कार्ड खुद प्रिंट करवा सकते हैं। इससे अनुबंधित अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सीएचसी ऐप पर आधार नंबर डालना होगा जिसके बाद कुछ स्टेप में आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। इस योजना में रजिस्ट्रेशन के बाद मेडिकल बिल की सुविधा बंद हो जाएगी। योजना में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत संबद्ध निजी अस्पतालों में सरकारी कर्मचारियों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिजनों के आश्रितों को कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा।
सभी गंभीर रोगों का इलाज
इस योजना में सभी गंभीर रोगों का कैशलेस इलाज होगा. इसमें किडनी, लीवर से जुड़ी बीमारियां, घुटना प्रत्यारोपण, ट्रांसप्लांट आदि जैसी बड़ी और गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। सरकारी वित्त पोषित अस्पतालों में लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी और इसके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज या अमाउंट नहीं देना होगा।