लखनऊ

ऐसे चेक कर सकते हैं सोने की शुद्धता, हॉलमार्क देखकर ही खरीदें गोल्ड

सोने की ज्वैलरी 22 कैरेट में बनती है। इसी के आधार पर ज्वैलरी की कीमत भी तय होती है। गोल्ड ज्वैलरी की कीमत सोने की बाजार कीमत के साथ-साथ सोने की शुद्धता, मेकिंग चार्ज, सोने का वजन और जीएसटी के आधार पर तय होती है। ‘BIS Care app’ से ग्राहक (Consumer) सोने (Gold) की शुद्धता (Purity) की जांच कर सकते हैं। इस ऐप (App) के जरिए सिर्फ सोने की शुद्धता की जांच ही नहीं बल्कि इससे जुड़ी कोई भी शिकायत भी कर सकते हैं।

less than 1 minute read
Dec 23, 2021

लखनऊ. अगर आप सोने की शुद्धता चेक करना चाहते हैं तो इसके लिए सरकार की ओर से एक ऐप बनाया गया है। ‘BIS Care app’ से ग्राहक (Consumer) सोने (Gold) की शुद्धता (Purity) की जांच कर सकते हैं। इस ऐप (App) के जरिए सिर्फ सोने की शुद्धता की जांच ही नहीं बल्कि इससे जुड़ी कोई भी शिकायत भी कर सकते हैं। इस ऐप (App) में अगर सामान का लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और हॉलमार्क नंबर गलत पाया जाता है तो ग्राहक इसकी शिकायत तुरंत कर सकते हैं। इस ऐप (Gold) के जरिए तुरंत ही ग्राहक को शिकायत दर्ज करने की जानकारी भी मिल जाएगी।

22 कैरट में बनती है सोने की ज्वैलरी

ज्यादातर सोने की ज्वैलरी 22 कैरेट में बनती है। इसी के आधार पर ज्वैलरी की कीमत भी तय होती है। गोल्ड ज्वैलरी की कीमत सोने की बाजार कीमत के साथ-साथ सोने की शुद्धता, मेकिंग चार्ज, सोने का वजन और जीएसटी के आधार पर तय होती है। गहने की कीमत = एक ग्राम सोने की कीमत x सोने के गहने का वजन + मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम + जीएसटी के आधार पर निकाली जाती है। सोने की ज्वैलरी खरीदने पर इसकी कीमत और मेकिंग चार्ज पर 3 फीसदी का गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लगता है।

हॉलमार्क देखकर ही खरीदें गोल्ड

आपको बता दें कि सोना खरीदते समय उसकी क्वॉलिटी का ध्यान जरूर रखें। हॉलमार्क देखकर ही सोने के गहनों की खरीदना चाहिए। हॉलमार्क सोने की सरकारी गारंटी है और भारत की एकमात्र एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करती है। हॉलमार्किंग योजना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत संचालन, नियम और रेग्युलेशन का काम करती है।

Published on:
23 Dec 2021 08:40 am
Also Read
View All