-पुलिस के कमरे में घुसते ही होश उड़ गए -पुलिस ने हत्या की संभावना से भी इन्कार नहीं किया है
लखनऊ. राजधानी में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां रात में पति-पत्नी का शव कमरे के अंदर लहूलुहान पड़ा मिला। युवती की गला काटकर हत्या की गई थी और युवक की गर्दन पर चाकू घोंपने का निशान था। कमरे की दीवारों पर खून के छींटे थे। पास में खून से सना चाकू पड़ा था। कमरे में चारों तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था। पुलिस के कमरे में घुसते ही होश उड़ गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंज न होने के कारण कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने हत्या की संभावना से भी इन्कार नहीं किया है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक दोनों किराए के कमरे में रहते थे। वहीं शवों के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है।
हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी पत्नी
जानकारी के मुताबिक बाराबंकी के जरवा कुर्सी का रहने वाला (28) ने एक साल पहले विकासनगर निवासी शिवानी (24) से कोर्ट मैरिज हुई थी। राकेश केजीएमयू में संविदा पर चालक था, जबकि शिवानी स्नातक की छात्रा थी। गुडंबा के कंचना बिहारी मार्ग स्थित आलोक नगर इलाके में दोनों करीब आठ माह से किराए पर रहने आए थे। मकान मालिक पूर्व सैनिक दान सिंह बिष्ट की पत्नी तारा के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे राकेश और शिवानी कमरे पर आए थे। दोनों परेशान थे, लेकिन उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की। परेशानी के कारण दोनों ने दो माह से मकान का किराया भी नहीं दिया था। उसने आठ महीने पहले 1500 रुपये मासिक पर कमरा किराये पर लिया था। उसकी पत्नी शिवानी दुबे विकासनगर के कैरियर गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी और कभी कभार दिन में दो-चार घंटे के लिए पति के साथ उसके कमरे में रहती थी।
परीवार को नहीं पता था शादी के बारे में
घटना की सूचना पर एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी अंजनी कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक रवींद्र कुमार राय को छानबीन के आदेश दिए। ऑनर किलिंग व किसी अन्य कारण से हत्या की आशंका के चलते फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई। कमरे से मिले सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान कराने को कहा। पुलिस ने खुदकुशी की वजह व अन्य कारणों की तहकीकात शुरू की। पुलिस के मुताबिक शिवानी ने अपने परिवार से शादी का राज छिपाए थी।
सौ रुपए लेकर घर से निकली थी शिवानी
विकासनगर के सेक्टर-3 निवासी अजय नारायण दुबे ने बताया कि स्नातक की छात्रा शिवानी सुबह 10 बजे सौ रुपये लेकर कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। देर शाम तक न लौटने पर कॉल की। मोबाइल फोन बंद होने पर तलाश करने जा ही रहे थे कि पुलिस का फोन आ गया। वे परिवारीजन के साथ विकासनगर थाने पहुंचे। अजय नारायण ने शिवानी की शादी की जानकारी से भी इनकार किया।
परीवार की मर्जी के खिलाफ की थी शादी
मृतक राकेश के भाई अयोध्या प्रसाद यादव के मुताबिक परिवारीजन की मर्जी के खिलाफ राकेश ने शादी की थी और किराये पर रहकर केजीएमयू के किसी अधिकारी की गाड़ी चलाता था। वेतन मिलने में देरी से तंगहाली का शिकार था। मकान मालिक दान सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि राकेश ने तीन महीने से किराया नहीं दिया था, लेकिन वेतन मिलने पर एकमुश्त भुगतान कर देता था।