लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की इस संबंध में बैठक हुई जिसमें फंगस को लेकर चर्चा हुई।
लखनऊ. कैंडीडा औरीस को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अलर्ट के बाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। दरअसल पीजीआई चंडीगढ़ के एक शोध में यह खुलासा हुआ है कि आईसीयू में लम्बे समय तक भर्ती मरीजों में से अधिकांश मरीजों में यह संक्रमण पाया गया। यह फंगस इसलिए भी खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसका जन्म अस्पताल में होता है और फंगल संक्रमण में प्रयुक्त होने वाली दवाएं इस पर बेअसर साबित होती हैं। इस शोध के बाद आईसीएमआर ने अलर्ट जारी किया है।
कैंडिडा ओरिस फंगस को लेकर यूपी में अलर्ट
कैंडीडा औरीस फंगस को लेकर जारी अलर्ट के बाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। दरअसल अस्पतालों में पहले से ही स्वाइन फ़्लू जैसे संक्रामक बीमारी के फैलने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में अब जब बीमारी का इलाज करने वाले अस्पतालों से ही बीमारी पैदा होने की संभावना दिखती है तो स्वास्थ्य महकमे के लिए बड़ी कठिनाई सामने आती है। इस ताजा अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग संभावित बचाव के तरीकों पर माथापच्ची में जुट गया है। लखनऊ के एसीएमओ डॉ एस के रावत ने बताया कि यह पब्लिक हेल्थ से जुड़ा मामला है। आईसीएमआर की एडवाइजरी के बारे में विवरण जुटाया जा रहा है। इसके अध्ययन के बाद जरूरी कदम उठाये जायेंगे।
अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती मरीज खतरे में
पीजीआई चंडीगढ़ ने देश भर के अस्पतालों में अध्ययन के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि आईसीयू में भर्ती 27 में से 19 मरीजों में यह संक्रमण देखने को मिला है। शोधार्थियों का दावा है कि लम्बे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना खतरे से खाली नहीं है। शोध में बताया गया है कि 45 दिन या उससे अधिक समय तक भर्ती मरीजों में यह फंगस पाया गया जबकि 28 दिन से कम समय तक भर्ती मरीजों में यह फंगस देखने को नहीं मिला। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस फंगस की गिरफ्त में आये 44 प्रतिशत पीड़ितों की मौत हो जाती है।
पीजीआई चंडीगढ़ ने जारी किया सभी राज्यों को अलर्ट
पीजीआई चंडीगढ़ के इस शोध के बाद आईसीएमआर ने अलर्ट जारी किया है। अलर्ट के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। यूपी में स्वास्थ्य महकमे के अफसरों ने इस सम्बन्ध में बैठक की है। इसके अलावा निजी नर्सिंग होम भी इस अलर्ट का अध्ययन कर मरीजों की सुरक्षा को लेकर संभावित तौर तरीकों और सावधानियों पर विचार कर रहे हैं। लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की इस संबंध में बैठक हुई जिसमें फंगस को लेकर चर्चा हुई।