IMD's warning:आज से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ पूरे राज्य में सक्रिय हो सकता है। आईएमडी ने 27-28 फरवरी और एक मार्च को राज्य के सभी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने 27-28 फरवरी को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, हिमपात, भूस्खलन और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
IMD's warning:मौसम आज से विकराल रूप धारण कर सकता है। आईएमडी के मुताबिक आज उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और देहरादून जिलों में हल्की से हल्की बारिश के आसार हैं। आईएमडी मुताबिक 26 फरवरी को उत्तराखंड के नौ जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले शामिल हैं। बड़ी बात ये है कि आईएमडी ने 27 और 28 फरवरी को राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक 27 और 28 फरवरी को राज्य में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही कई जिलों में इन दो दिन वज्रपात का भी खतरा रहेगा। साथ ही पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा पैदा हो सकता है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। पर्वतीय इलाकों में भारी हिमपात की भी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 फरवरी को राज्य के सभी जिलों के अधिकांश स्थानों पर अच्छी खासी बारिश हो सकती है। जबकि एक मार्च को पूरे राज्य में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा राज्य में कल से अगले पांच दिन तक बर्फबारी का भी दौर चल सकता है। बारिश और बर्फबारी से राज्य में जनवरी जैसी ठंड महसूस हो सकती है। आईएमडी ने 27 और 28 फरवरी को राज्य के कई जिलों के कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली कड़कने का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
आईएमडी के मुताबिक उत्तराखंड में कल से मौसम करवट बदल सकता है। 27 फरवरी से एक मार्च तक राज्य के सभी 13 जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना है। 25 फरवरी को भी राज्य के नौ जिलों में बारिश हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक 25 और 26 फरवरी को राज्य में 32 सौ मीटर ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी हो सकती है। वहीं, 27 फरवरी को राज्य में 28 सौ मीटर ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की संभावना रहेगी। बड़ी बात ये है 28 फरवरी और एक मार्च को राज्य में 25 सौ मीटर ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी हो सकती है। वर्षों बाद ऐसा मौका सामने आने की संभावना है जब मार्च में पहाड़ों में बर्फबारी होगी। वैज्ञानिक इसे सीजनल शिफ्टिंग भी बता रहे हैं। इस साल राज्य में दिसंबर-जनवरी में कम ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ नहीं गिरी है।