
INDIA Bloc Protest against Election Commission: मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस आंदोलन को लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए बेहद अहम बताया। इंडिया गठबंधन के पीपुल्स इम्पीचमेंट (जन महाभियोग) कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि, इंडिया अलायंस यहां पूरे देश को संदेश देने के लिए जुटा है। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिल्ली के रामलीला मैदान में होने जा रहे इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक करार दिया।
इंडिया अलायंस के इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि, "विपक्ष यहां पूरे देश को एक बड़ा संदेश देने के लिए जुटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और विपक्ष उसकी रक्षा के लिए सामने आया है। मसूद ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर BJP को हमारे स्तर पर आना पड़ा है तो...इसका सीधा मतलब है कि हम जीत गए हैं। BJP घुटनों पर आ गई है। अभी इंतजार कीजिए और देखिए आगे क्या होता है।"
अपना जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और SIR के नाम पर करोड़ों मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने की कथित साजिश के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ऐतिहासिक प्रदर्शन होने जा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की पूरी आशंका है जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। मौर्य ने कहा कि वह भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर और वोटों की चोरी रोकने के लिए विपक्ष पूरी तरह से एकजुट होकर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ रहा है। वहीं सपा सांसद राजीव राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को दोहराते हुए कहा कि विपक्ष चाहता है कि ज्ञानेश कुमार को सीधे जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि देश में नफरत फैलाने, झूठ बोलने और झूठे वादे करने वाले लोग सत्ता में बैठे हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर पहले ही राष्ट्रपति से मिल चुका है। उन्होंने कहा कि, "क्या हमें आपको पार्लियामेंट का स्पेशल सेशन बुलाने के लिए अलग से लेटर लिखने की जरूरत थी? क्या आपको सड़कों पर प्रोटेस्ट करते लोग नहीं दिख रहे? विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने पर अड़ा हुआ है। राहुल गांधी के प्रोटेस्ट के बाद आप 5 प्रेस-कॉन्फ्रेंस करते हैं। अब जब देश के सामने यह पब्लिक इंपीचमेंट इनिशिएटिव पेश किया जा रहा है, तो आप कह रहे हैं कि विशेष सत्र बुलाया जा सकता था। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि हमारे इस प्रोग्राम को ही स्पेशल सेशन मान लीजिए।"
विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। इसी मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई जा रही है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन को विपक्ष अपने आंदोलन के अगले चरण के तौर पर पेश कर रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत इंडिया गठबंधन के नेता इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जोड़ रहे हैं। ऐसे में विवाद का निर्णायक पहलू यह होगा कि शिकायतों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और चुनाव आयोग उन पर क्या कार्रवाई करता है।