
लखनऊ.Independence Day 2021 CM Yogi hoisted Flag in Lucknow. स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2021) के मौके पर पूरा देश जश्न में डूबा है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने देश की 75वें स्वतंत्रता दिवस पर विधानभवन प्रांगण में ध्वाजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बलिया में मंगल पांडे के नेतृत्व में स्वतंत्रता की लड़ाई आगे बढ़ी। 1942 में ही बलिया ने खुद को स्वाधीन घोषित कर दिया था। लखनऊ के काकोरी में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह ने क्रांति का बिगुल बजाया है। उन्होंने कहा मैं आज देश के सभी क्रांतिकारियों को नमन करता हूं।
प्रत्येक नागरिक के जीवन की करनी है रक्षा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, यह हम सबका सौभाग्य है कि देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष का हम सबको साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है। 1947 में पराधीनता के खिलाफ एक लंबी लड़ाई के बाद देश स्वतंत्र हुआ था। हमें प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा करनी है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ने वालों ने आज से 75 वर्ष पूर्व अपने प्राणों का बलिदान दिया है। यूपी चार वर्ष के दौरान आज देश की दूसरी अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बहुत विकास हुआ है।
प्रदेश में हमारी सरकार ने साढ़े चार साल में साढ़े चार लाख नौजवानों को नौकरी का अवसर प्रदान किया है। ईज ऑफ लिविंग में भी बेहतर प्रयास हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी 14 से दूसरे नंबर पर आ गया है। स्वच्छ भारत में उत्तर प्रदेश 27वें स्थान पर था। लेकिन साढ़े चार साल में प्रदेश के अंदर जो प्रयास किए गए उसका परिणाम है कि दो करोड़ 60 लाख लोगों को घर देने और स्वच्छ भारत मिशन के अंदर न केवल एक-एक गरीब परिवार को शौचालय उपलब्ध कराया बल्कि नारी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया।
वीर जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वाधीनता के बाद देश की बाह्य और आतंरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने और भारत के नागरिकों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने वाले भारत के सभी वीर जवानों जिन्होंने देश में विभिन्न युद्धों में अपना बलिदान दिया, मैं उन सभी जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश की स्वाधीनता की क्या कीमत होती है, यह देश के अंदर अलग-अलग स्थानों पर बने शहीद स्मारक, स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े वह सभी स्मारक इस बात के गवाह हैं।