
INDIA Bloc Protest, Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC)ज्ञानेश कुमारके खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहे हैं। 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया में फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता की कमी है। विपक्ष का दावा है कि इन प्रक्रियाओं के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस सांसद जीसी चंद्रशेखर ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म 7 के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और CEC के इस्तीफे तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने भी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच सवाल खड़े हुए हैं और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। संतोष पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से CEC को पद से हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो इन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने भी विपक्ष के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों के बावजूद सड़कों पर दिख रहा विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे अनुचित और गैरकानूनी बताया तथा इसे रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई।
विपक्ष जहां SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है। मौजूदा विवाद में फॉर्म 6 को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि उसने मतदाता नामांकन के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी थी।