17 महीने बाद भारत-नेपाल (India-Nepal Border) का सोनौली बॉर्डर (Sonaoli Border) आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है।
लखनऊ. 17 महीने बाद भारत-नेपाल (India-Nepal Border) का सोनौली बॉर्डर (Sonaoli Border) आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। रविवार से भारत ने सीमा खोल दी है। इसके दो दिन पहले शुक्रवार को नेपाल ने अपनी ओर से सीमा खोल दी थी। कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर यात्री, पर्यटक व अन्य लोग नेपाल जा व वहां से भारत आ सकते हैं। बीते वर्ष सीमाएं बंद कर दी गई थी। रविवार सुबह भारतीय नागरिक जब नेपाल सीमा में दाखिल हुए, तो नेपाल के नागरिकों ने उनका तालियों के साथ स्वागत किया। एसएसबी के सेनानायक मनोज सिंह ने बताया कि भारतीय वाहन नेपाल जाने लगे हैं। नागरिकों को भारत व नेपाल सरकार द्वारा जारी की गई कोविड गाइडलाइन्स का पालन करना होगा।
यह होंगी गाइडलाइन्स-
भारतीय नागरिकों की सहूलियत के लिए नेपाल सरकार ने नए नियम जारी किए हैं। यात्रियों को अपनी कोविड नेगेटिव रिपोर्ट, वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट साथ ही अपना बायोडाटा अपलोड करना होगा। इसके बाद वह आसानी से यात्रा कर सकते हैं। यही नहीं सोनौली सीमा के पर्यटक दफ्तर पर एक घोषणा फॉर्म भरेंगे, जिसके बाद वह नेपाल सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। नेपाल रूपनदेही के मुख्य जिला अधिकारी ऋषि राम तिवारी का कहना है कि यात्रियों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन फॉर्म की सुविधा भी रखी गई है। इससे सीमा को क्रॉस करते वक्त उनका वक्त बर्बाद नहीं होगा।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग खुश-
भारत-नेपाल बॉर्डर खुलने से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। होटल संध के अध्यक्ष सीपी श्रेष्ठ का कहना है कि सीमा पर भारतीय पर्टयकों को पहले काफी परेशानी हो रही रही थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्हें केवल डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा और वह आराम से आ जा सकते हैं। उपाध्यक्ष श्रीचन्द गुप्ता ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए बताया कि यात्रा करने वाले लोग अपनी एनटीपीसीआर रिपोर्ट व वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट की फोटो साथ रखें। उन्हें बॉर्डर पर इसे जमा करना पड़ सकता है।