केंद्रीय और यूपी आईपीएस एसोसिएशन ने डीजी सूर्य कुमार के राम मंदिर से जुड़े कदम को ठहराया गलत।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के डीजी सुर्य कुमार शुक्ला बीते दिनों एक कार्यक्रम में राम मंदिर बनवाने की शपथ लेकर बड़े विवाद में घिर गए हैं। उनका शपथ ग्रहण करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार शुक्ला को तलब किया है। वहीं इस पूरे विवाद के बाद आईपीएस एसोसिएशन ने डीजी सूर्य कुमार के इस कदम को निष्पक्षता और सच्चाई की भावना के खिलाफ बताते हुए उनसे अपना पल्ला झाड़ लिया है।
IPS एसोसिएशन ने डीजी के कदम को ठहराया गलत
केंद्रीय आईपीएस एसोसिएशन ने डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार शुक्ला के राम मंदिर विवाद से जुड़े मामले को लेकर उठ रहे सवालों से खुद को अलग कर लिया है। केंद्रीय आईपीएस एसोसिएशन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैडल पर लिखा है कि हम वरिष्ठ आईएएस अफसर के वीडियो में देखें गए कृत्य से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। हम फिर दोहराते हैं कि भारतीय पुलिस सेवा तटस्थता, निष्पक्षता व सच्चाई की भावना के साथ खड़ी है। वहीं यूपी आईपीएस एसोसिएशन ने भी डीजी के इस कदम की निंदा की है।
यह था पूरा मामला-
लखनऊ विश्वविद्यालय में डीजी ने लिया राम मंदिर बनवाने का संकल्प
लखनऊ यूनिवर्सिटी में गत 28 जनवरी को 'अखिल भारतीय समग्र विचार पृष्ठ' कार्यक्रम के तहत राम मंदिर निर्माण को लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया थ। इसमें 1982 यूपी कैडर के आईपीएस ऑफिसर व होमगार्ड डीजी सूर्यकुमार शुक्ला ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, इसमें डीजी सूर्य कुमार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शपथ ले रहे हैं।साथ ही यहां जय श्रीराम के नारे लगाए।
मुख्यमंत्री ने मांगा डीजी से जवाब
वरिष्ठ आईपीएस द्वारा राम मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने और विवादित शपथ में शामिल होने से सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से डीजी सूर्य कुमार शुक्ल को तलब किया है। साथ ही उनसे पूरे प्रकरण पर सफाई देने के लिए कहा है।
बचाव में उतरे डीजी
पत्रिका से बातचीत में डीजी सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था। जहां उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सुझाव के अनुरुप दोनों पक्षों की आपसी सहमति ने राम मंदिर विवाद को सुलझाया जा सकता है। इसी विचार पर वहां मौजूद सभी लोगों ने शांतिपूर्वक वातावरण बनाकर भविष्य में इस समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया।
सर्विस रुल बुक का उल्लंघन
यूपी के पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अफसर से इस संबंध में कहा कि बतौर डीजी रहते हुए किसी अफसर का राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना उचित नहीं है। वहीं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन राम मंदिर निर्माण के संवेदनशील मुद्दे पर शपथ लेना सर्विस रुल बुक का उल्लंघन है।