
DG Surya Kumar Ram Mandir
लखनऊ. उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के डीजी सुर्य कुमार शुक्ल एक कार्यक्रम में राम मंदिर बनवाने की शपथ लेने पर बड़े विवाद में फंस गए हैं। शनिवार को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के राम मंदिर के संवेदनशील विषय पर शपथ लेने से जुड़ा वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इससे योगी सरकार की चौतरफा निंदा हो रही है, वहीं एक आईपीएस अधिकारी के ऐसा करने पर सर्विस रुल बुक के उल्लंघन की बात ने भी जोर पकड़ लिया है। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजी सुर्य कुमार से सफाई मांगी है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में डीजी ने लिया राम मंदिर बनवाने का संकल्प
लखनऊ यूनिवर्सिटी में गत 28 जनवरी को 'अखिल भारतीय समग्र विचार पृष्ठ' कार्यक्रम के तहत राम मंदिर निर्माण को लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया थ। इसमें 1982 यूपी कैडर के आईपीएस ऑफिसर व होमगार्ड डीजी सूर्यकुमार शुक्ला ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, इसमें डीजी सूर्य कुमार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शपथ ले रहे हैं।साथ ही यहां जय श्रीराम के नारे लगाए।
मुख्यमंत्री ने मांगा डीजी से जवाब
वरिष्ठ आईपीएस द्वारा राम मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने और विवादित शपथ में शामिल होने से सरकार की काफी किरकिरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से डीजी सूर्य कुमार शुक्ल को तलब किया है। साथ ही उनसे पूरे प्रकरण पर सफाई देने के लिए कहा है।
बचाव में उतरे डीजी
पत्रिका से बातचीत में डीजी सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि उन्हें इस कार्यक्रम में अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था। जहां उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सुझाव के अनुरुप दोनों पक्षों की आपसी सहमति ने राम मंदिर विवाद को सुलझाया जा सकता है। इसी विचार पर वहां मौजूद सभी लोगों ने शांतिपूर्वक वातावरण बनाकर भविष्य में इस समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया।
सर्विस रुल बुक का उल्लंघन
यूपी के पूर्व डीजीपी आनंद लाल बनर्जी ने कहा कि बतौर डीजी रहते हुए किसी अफसर का राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेना उचित नहीं है। वहीं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन राम मंदिर निर्माण के संवेदनशील मुद्दे पर शपथ लेना सर्विस रुल बुक का उल्लंघन है।
Updated on:
02 Feb 2018 06:51 pm
Published on:
02 Feb 2018 06:49 pm
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