लखनऊ

इन्फ्लूएंजा के नए वायरस को लेकर लखनऊ के सभी अस्पताल अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग तैयार

influenza a h3n2 symptoms कोरोना से थोड़ा ज्यादा खतरनाक है, इन्फ्लूएंजा वायरस, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए है।
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Updated: 12 Mar 2023, 8:02 AM IST
 बचाव के लिए अस्पतालों में बढ़ी सतर्कता
बचाव के लिए अस्पतालों में बढ़ी सतर्कता

इन्फ्लूएंजा के नए वायरस एच 3 एन 2 का खतरा बढ़ गया है। इससे बचाव के लिए अस्पतालों ने सतर्कता बढ़ा दी है। ओपीडी और वार्ड में डॉक्टर-कर्मचारियों को मास्क लगाने के लिए कहा गया है। हाथों को समय- समय पर धुलने की भी सलाह दी जा रही है। इसी प्रकार ओपीडी में आने वाले मरीज - तीमारदारों को भी मास्क लगाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

लोहिया संस्थान में अस्पताल तैयार

लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं। हालांकि अभी कोई मरीज नहीं आया है। फिर भी ओपीडी में डॉक्टर-कर्मचारियों को मास्क लगाकर मरीजों को इलाज मुहैया कराने की सलाह दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर वार्ड भी बनाया जाएगा। इसके लिए हॉस्पिटल ब्लॉक में पूरी तैयारी है। ओपीडी और इमरजेंसी में भी सर्दी-जुकाम,बुखार सांस लेने में तकलीफ गले में खराश जैसे लक्षणों के साथ ही सामान्य मरीज ही आ रहे हैं।

मास्क और उचित दूरी बना कर रखने की अपील

आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल में डॉक्टर- कर्मचारियों को मास्क पहनकर ही मरीजों का इलाज करने के लिए निर्देशित किया गया है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी है। मरीज- तीमारदारों को भी मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

नहीं आया इन्फ्लूएंजा एच 3 एन 2 का मरीज

बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि जरूरी एहतियात बरतें जा रहे हैं। अभी इन्फ्लूएंजा एच 3 एन 2 का मरीज नहीं आया है। अस्पताल में पर्याप्त संसाधन हैं। जरूरत के हिसाब से व्यवस्था कर ली जाएगी। फिलहाल ऐसे मरीजों पर नजर रखी जा रही है जो सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, गले में खराश और भूख कम लगने जैसी शिकायत लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर कर्मचारियों को मास्क लगा सलाह दी जा रही है।

मेडिकल कॉलेज में मरीजों की व्यवस्था

केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमिता जैन के मुताबिक इन्फ्लूएंजा एच 3 एन 2 जांच की सुविधा है। रोजाना 10 से अधिक नमूने जांच के लिए आ रहे हैं। अभी घबराने जैसी कोई भी बात नहीं है। इस तरह का संक्रमण साल में दो से तीन बार फैलता है। जो खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है। हालांकि सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है । मास्क लगाएं। सर्दी-जुकाम के मरीजों आइसोलेट रहें। भीड़ भाड़ में जाने से बचें।

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