
बिल्हौर-बिठूर को 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात, लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का करेंगे शुभारंभ (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
GCC Innovation Summit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जन सुविधाओं का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन और नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करना ही नए उत्तर प्रदेश के विकास का संकल्प है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ युवाओं को शिक्षा, तकनीक, अनुसंधान और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार के माध्यम से भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने विचार साझा करते हुए महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर नगर के बिठूर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम और लखनऊ में प्रस्तावित जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ओर जनजीवन को बेहतर बनाने वाली विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर निवेश और नवाचार के जरिए युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती पर उनकी तपोभूमि बिठूर में लोकमंगल और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इस मौके पर कानपुर नगर के बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और स्थानीय लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे। सरकार की ओर से विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के प्रयासों को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में जनसुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण को विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का शुभारंभ भी करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक तकनीक, नवाचार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले समझौता ज्ञापनों (एमओयू) से तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
समिट को प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को मजबूत करने और युवाओं को उभरते तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में तकनीकी दक्षता और अनुसंधान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है। सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपने प्रदेश में ही ऐसे अवसर मिलें, जिनके माध्यम से वे राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस विकास यात्रा का प्रतीक है, जिसमें गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ओर प्रदेश आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती मना रहा है, वहीं दूसरी ओर जीसीसी इनोवेशन समिट के माध्यम से वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय समाज की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि ज्ञान, मर्यादा, आदर्श जीवन और लोककल्याण की परंपरा का भी प्रतीक है। रामायण के माध्यम से पीढ़ियों तक समाज को प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र और रामराज्य के आदर्शों से परिचित कराया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में आगे बढ़ाते हुए विज्ञान और तकनीक को युवाओं की प्रतिभा तथा अवसरों से जोड़ना समय की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में विरासत के सम्मान के साथ विज्ञान और विकास को पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया था। उनके मुताबिक, प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश आकर्षित करना तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार करना बड़ी चुनौती थी। वर्तमान सरकार बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशोन्मुख नीतियों के माध्यम से नई संभावनाएं विकसित करने पर जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और निवेश के अनुकूल वातावरण को मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति देना, उद्योगों के लिए अवसर बढ़ाना और युवाओं के कौशल का उपयोग विकास कार्यों में करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भी इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम, तकनीकी नवाचार और निवेश के क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जीसीसी इनोवेशन समिट को इसी व्यापक सोच से जोड़ते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग प्रदेश में अनुसंधान तथा उच्च कौशल वाले रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना विरासत, शिक्षा और तकनीक के समन्वय से साकार होगी। सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करते हुए प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाना सरकार की विकास दृष्टि का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी ही धरती पर वैश्विक पहचान बनाने का अवसर मिले।
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Updated on:
26 Oct 2026, 4:12 PM IST
Published on:
26 Oct 2026, 4:12 PM IST
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