
लखनऊ के हजरतगंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता पर कथित टिप्पणी के विरोध में मार्च निकालते बीजेपी कार्यकर्ता (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
BJP-Congress Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी के विरोध में सोमवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हजरतगंज में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लालजी टंडन की प्रतिमा से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक मार्च निकाला। प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की तस्वीरें लेकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और कांग्रेस से प्रधानमंत्री के प्रति की गई कथित टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और जिला अध्यक्ष विजय मौर्य ने किया।
राजधानी के प्रमुख इलाके हजरतगंज में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। लालजी टंडन की प्रतिमा से शुरू हुआ मार्च डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार के संबंध में की गई कथित टिप्पणी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार को लेकर अभद्र टिप्पणी करना सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने और माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शन में बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और जिला अध्यक्ष विजय मौर्य की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व को सार्वजनिक मंचों से बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद का स्तर प्रभावित होता है। इसी आधार पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग दोहराई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीरें लेकर पहुंचे। तस्वीरों के साथ नारेबाजी करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक आलोचना करने का अधिकार सभी दलों को है, लेकिन उनके स्वर्गीय पिता के संबंध में कथित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक शालीनता और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा से जुड़ा मुद्दा बताया। हालांकि, कथित टिप्पणी के सटीक शब्दों और संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता अमित त्रिपाठी ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए उनके मानसिक संतुलन पर सवाल उठाया। साथ ही चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस भाषा में बात समझ आएगी, उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। उनके बयान ने प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक बयानबाजी को और तीखा बना दिया। इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती जुबानी तकरार को दर्शाती हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक असहमति व्यक्त करने के साथ सार्वजनिक संवाद में संयम बनाए रखने की अपेक्षा भी की जाती है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता के संबंध में की गई कथित टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने बयानों में सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। दूसरी ओर, इस मुद्दे पर कांग्रेस का पक्ष और कथित टिप्पणी का पूरा संदर्भ सामने आने के बाद ही विवाद की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी। लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हजरतगंज में निकाले गए मार्च के जरिए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। अब इस मामले में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और संबंधित बयान के संदर्भ पर नजर रहेगी।
Updated on:
26 Oct 2026, 2:56 PM IST
Published on:
26 Oct 2026, 2:41 PM IST
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