Weight Loss Research: बढ़ते हुए वजन से हर कोई परेशान है। लेकिन अब मात्र एक गुब्बारा खाने से 15 किलो तक वजन कम हो सकता है। ये हम नहीं बल्कि पद्मश्री डॉ रणधीर सूद का कहना है।
इंसानी जिन्दगी को मोटापे की बीमारी ने घेर लिया है। मोटापा ढेरों बीमारियों की जनक भी बन गया है। ऐसे में दवाएं और बेरियाट्रिक सर्जरी का सालिड विकल्प आ गया है। मोटे लोग पॉलेमर का गुब्बारा खाकर 15 किलो तक वजन कम कर सकते हैं। इस गुब्बारे को इंट्रा गैस्ट्रिक विधि से पेट में एंडोस्कोपी के जरिए डाला जाता है और इसमें 80 हजार रुपये से ज्यादा का खर्च नहीं आता है। अब इसी गुब्बारे ने मोटापा ग्रस्त लोगों में क्रांति का संचार कर दिया है।
पदमश्री डॉ.रणधीर सूद ने बताया कि गुब्बारे की विधि 30 मिनट में पूरी हो जाती है। पेट में गुब्बारा डालने के बाद उसमें स्लाइन और पानी भर दिया जाता है, जो नुकसान भी नहीं करता है। इसमें मरीज को कम भूख लगती है और 6 महीने में वजन कम होने के बाद 1 साल में गुब्बारे को निकाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एंडोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रोप्लास्टी भी लैप्रोस्कोपी से करने वाले आपरेशन की तरह कारगर है। यहीं नहीं, अब तो मोटापे को कम करने के लिए डूअडीनल और रीसफसिंज्ञग जैसी विधियां भी मोटापा कम करने के साथ ही डायबिटीज और फैटी लिवर में सुधार करती हैं।
मोटे लोग अपनाएं यह फार्मूला
मेदांता इंस्टीट्यूट आफ डायजेस्टिव के चेयरमैन डॉ.सूद ने कहा कि मोटापे से हर किसी को बचना है तो मुंह में लगाम लगानी है और पैरों पर जोर देना है यानी रोज 10 हजार कदम चलना है। डॉ.सूद ने कहा कि बीएमआई 25 से नीचे है तो आप मोटापे की जद में नहीं है। 25-29 मतलब ओवर वेट, 30-35 क्लास 1, 35-39 क्लास 2 और 39 से ऊपर क्लास थर्ड स्टेज का है। इसी आधार पर मोटापे का आकलन किया जाना चाहिए।
सबसे अधिक महिलाएं मोटापे की शिकार
उन्होंने कहा कि हाल ही में नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें कहा कि शहरी 46 तो 20 फीसदी ग्रामीण जनता मोटापे के रोग से ग्रस्त हो गई है। क्वालिटी लाइफ जीना है तो मोटापा करना होगा क्योंकि सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि मोटे लोग हार्ट, किडनी, जोड़ों के दर्द और नर्वस सिस्टम से बेहाल हो जाते हैं। मोटापा पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में सर्वाधिक पाया जाता है।