बड़ी खबर: अोपी सिंह होंगे नए डीजीपी, सुलखान सिंह आज अंतिम दिन
लखनऊ. नए साल से देश के सबसे बड़े सूबे की कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी किसके कंधे पर होगी इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। आज डीजीपी सुलखान सिंह के सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उन्हें सेवा विस्तार मिलने की संभावना लगभग खत्म हो गई है। इस बीच CISF में DG पद पर तैनात ओपी सिंह को चेन्नई से लखनऊ बुलाया गया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यूपी पुलिस की कमान नए साल से ओपी सिंह के हाथों में होगी।
बता दें, कि सितंबर महीने में सुलखान सिंह को रिटायर्मेंट मिला था, लेकिन शासन ने उनको तीन महीने का सेवा विस्तार दे दिया था, जो 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है। ऐसे में अब सूबे में नए डीजीपी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चा में सबसे आगे डीजी फायर प्रवीन सिंह का नाम चल रहा था, लेकिन अब ओपी सिंह आगे बताए जा रहे हैं। सरकार को ऐसे डीजीपी की तलाश है जो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को संपन्न करा सके। सरकार को बेदाग छवि के तेजतर्रार चेहरे की तलाश थी जो संभवतः ओपी सिंह पर आकर खत्म हो गई है। सिंह दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजूएट हैं।
दूसरी ओर वरिष्ठता श्रेणी में शामिल डीजी प्रवीण सिंह, गोपाल गुप्ता, रजनीकांत मिश्रा, हितेश चंद्र अवस्थी, अरुण कुमार के नाम डीजीपी की रेस में शामिल हैं। फील्ड का लंबा अनुभव रखने वाले डीजी इंटेलीजेंस भवेश कुमार को भी मौका मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रवीण सिंह
प्रवीन सिंह 1982 बैच के अफसर हैं। डीजी फायर सर्विस के पद पर तैनात प्रवीन सिंह इससे पहले भी दो बार डीजीपी की रेस में सबसे आगे रह चुके हैं, लेकिन ऐन मौके पर उन्हें पीछे कर पहले एके जैन और फिर जावीद अहमद को डीजीपी बना दिया गया। डीजी होमगार्ड्स के पद पर तैनात डॉ. सूर्य कुमार भी 1982 बैच के आईपीएस हैं।
भावेश कुमार सिंह
1987 बैच के आईपीएस भावेश कुमार योगी के सबसे विश्वासपात्र माने जाते हैं। गोरखपुर जोन के आईजी रह चुके भावेश कुमार वर्तमान में डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं। उनका कार्यकाल जनवरी 2020 तक है, जो सरकार की मंशा के हिसाब से भी फिट है।