जया बच्चन को पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजेगी तृणमूल कांग्रेस
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी से लंबे समय से जुड़ी अभिनेत्री जया बच्चन को गच्चा दे दिया है। अब वे उन्हे राज्यसभा में नहीं भेजने जा रहे हैं। लखनऊ के राजनीतिक गलियारे में चल रही चर्चा के मुताबिक आगामी दो अप्रैल को जया बच्चन की राज्यसभा सदस्यता खत्म हो रही है। मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी की विधानसभा में सदस्यों की संख्या 47 है। इतनी संख्या के बलबूते समाजवादी पार्टी राज्यसभा में अपने एक सांसद को ही भेज सकती है। अब अखिलेश के सामने यह प्रश्न है कि आखिर वे राज्यसभा में किसे भेजें।
माना जा रहा है कि पार्टी के वफादार और समाजवादी पार्टी के सत्ता हस्तान्तरण के दौर में अखिलेश के साथ खड़े किरणमय नंदा पार्टी की पहली पसंद होंगे इसलिए जया बच्चन की राज्यसभा सीट बली चढ़ जाएगी।
कौन-कौन हो रहा रिटायर
उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य किरणमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, नरेश अग्रवाल और जया बच्चन का कार्यकाल 2 अप्रैल 2018 को खत्म हो रहा है। इसके अलावा बसपा से मुनकाद अली व चौधरी मुनव्वर सलीम, कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, भाजपा से विनय कटियार व एक अन्य सदस्य आलोक तिवारी भी दो अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इस तरह कुल नौ सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
प्रमोद तिवारी का जीतना तय
समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 47 है। इस गणित से वह सिर्फ एक प्रत्याशी ही जीता सकती है। ऐसे में पहली पंसद किरणमय नंदा को पार्टी भेजेगी ताकि पश्चिम बंगाल में पार्टी का झंड़ा थामने वाला कोई बचा रहे। समाजवादी पार्टी के द्वितीय वरीयता का मत जोड़तोड़ में माहीर प्रमोद तिवारी को मिल सकता है। कांग्रेस के सात सदस्यों और बसपा के कुछ सदस्यों की बदौलत प्रमोद तिवारी दूसरी बार राज्यसभा सांसद बन सकते हैं।
दीदी ने डाला जया को चारा
समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता व बॉलीवुड अभिनेत्री जया बच्चन को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए नामांकित कर सकती है। सूत्रों की मानें तो सपा नेता जया बच्चन का टीएमसी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। टीएमसी के सूत्रों के मुताबिक जया बच्चन नामांकन के लिए सबसे प्रमुख नाम हैं। चार सीटें खाली होने वाली हैं। इन सीटों के लिए कई लोग अपना दावा कर रहे हैं, लेकिन आखिरी फैसला पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का होगा। आधिकारिक फैसला 18 मार्च को होगा ।