अखिलेश बोले - सब भाजपा के इशारे पर हुआ
लखनऊ। नूरपुर और कैराना उप चुनाव में ईवीएम की खराबी पर निर्वाचन ने पुनर्मतदान की सिफारिश कर दी है। अब चुनाव आयोग जल्द ही तारीखें घोषित करेगा। उउम्मीदहै कि 30 मई को इन स्थानों पर चुनाव करा लिया जाए। इस चुनाव में बीते दिवस करीब दो सौ स्थानों पर ईवीएम मशीने खराब होने की बात सामने आई थी। इस पर आयोग ने कहा था कि गर्मी से ईवीएम मशीने खराब हो गई थीं।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सोमवार को केराना और नूरपुर में हुए उपचुनाव में इतने बड़े स्तर पर ईवीएम मशीने खराब होने का मामला बेहद गंभीर है। चुनाव आयोग के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों की बस्तियों वाले मतदान केन्द्रों की ईवीएम मशीने क्यों खराब हुईं। क्यों कि गरीब वोट डालने जाता है। वहां वोट ज्यादा पड़ते हैं। ईवीएम मशीने अगर खराब होने की शिकायत से आयोग वाकिफ था तो पेपर बेलेट का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। यह सब केन्द्र सरकार के इशारे पर हुआ है। इसके लिए भाजपा सरकार भी दोषी है।
अखिलेश यादव ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि यह इतना गंभीर मामला है कि इससे लोकतंत्र की बुनियाद तक हिल गई है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतने बड़े पैमाने पर ईवीएम मशीने खराब हो रही थीं, इसकी जानकारी पहले से चुनाव आयोग को थी तब ही तो आयोग ने कहा कि गर्मी के कारण मशीने खराब हो जाती हैं। अगर ऐसा होता है तो आयोग ने मत पत्र से चुनाव क्यों नहीं कराए? यह एक गंभीर सवाल है। इस देश का आवाम इसका जवाब चाहता है। समाजवादी पार्टी इसके खिलाफ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि इन बातों से साफ लगता है कि भाजपा को हार का डर सता रहा था और तब ही ईवीएम का खेल किया गया।