
लखनऊ. हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के बाद विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तक हत्या के तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के बावजूद लोगों का गुस्सा चरम पर है। लोग योगी सरकार के साथ-साथ यूपी पुलिस की क्षमताओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। रविवार को मृतक कमलेश तिवारी के परिजनों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के डीजीपी ओपी सिंह को मुख्यमंत्री आवास पर तलब किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तलब के बाद डीजीपी ओपी सिंह आनन-फानन में पांच कालिदास मार्ग पहुंचे। उनके साथ एसआइटी प्रभारी आइजी एसके भगत भी पहुंचे। सीएम योगी भी कालिदास मार्ग पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक कमलेश तिवारी के परिजनों के सामने ही डीजीपी ओपी सिंह से कमलेश तिवारी की हत्या की जांच की प्रगति का ब्योरा लिया। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को हत्यारों को जल्द पकड़ने का निर्देश दिया है।
कमलेश के नाम पर खुर्शेद बाग का नाम बदलना चाहता है पीड़ित परिवार
मृतक कमलेश तिवारी के परिजनों ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री के सामने 11 मांग रखी हैं। इनमें कमलेश तिवारी की प्रतिमा के साथ ही खुर्शेद बाग का नाम बदलकर कमलेश बाग रखने की मांग की है। हत्याकांड की एसआइटी और एनआइए से जांच करने के साथ ही अपराधियों को पर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की है।
शुक्रवार को कमलेश तिवारी की हुई थी हत्या
बीते शुक्रवार को लखनऊ के खुर्शेद बाग में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। शनिवार को यूपी पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे का दावा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें यूपी के बिजनौर के दो मौलानाओं की भी भूमिका की जांच की जा रही है। वर्ष 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वालों को डेढ़ करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी।