लखनऊ

कानपुर हिंसा अपडेट: ट्रक में भरकर ले गए थे पत्थर, एक-एक पत्थर और पत्थरबाज से होगा हिसाब…

Kanpur Hinsa Update: कानपुर हिंसा में कई खुलासे हो रहे हैं। फारेंसिक टीम लगातार जांच कर रही है। पता चला कि मुस्लिम पत्थरबाजों ने ट्रक भरकर पत्थर मंगाए थे।

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Jun 08, 2022
Kanpur Violence Update Muslim took One truck Stone for Pattharbazi

कानपुर हिंसा को लेकर जांच जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है कानपुर हिंसा में शामिल उपद्रवियों के चेहरे बेनकाब होते जा रहे है। कानपुर पुलिस ने अब तक तीन पीएफआई सदस्यों समेत 54 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाला भाजयुमो नेता भी शामिल है। कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान कई जरूरी तथ्य सामने निकलकर आए हैं। पता चला है कि पथराव के लिए ट्रक भर कर पत्थर लाए गए थे। ऐसे में अब प्रशासन का कहना है कि हर पत्थर और हर पत्थरबाज से हिसाब होगा। बुलड़ोजर कार्यवाही के बाद पुलिस फिर चौकन्ना है। हिंसा वाले स्थान पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
वर्ष 2020 में कानपुर में सीएए-एनआरसी के विरोध को लेकर हिंसा हुई थी। इसमें पीएफआई के सदस्य सैफउल्लाह, मोहम्मद नसीम और मोहम्मद उमर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में इनकी जमानत हो गई। बीते दिन देर रात इन तीनों को पुलिस ने फिर धर-दबोचा। इसके अलावा अलग-अलग जगह छापेमारी कर नौ और आरोपितों को पकड़ा गया। उधर, पुलिस की कार्रवाई से दहशत में आए एक नाबालिग आरोपित ने खुद ही कर्नलगंज थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

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नौ और पर एफआईआर दर्ज
कोतवाली में सोमवार को सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाले आठ यूजर आईडी पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मंगलवार को भड़काऊ पोस्ट ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट करने के मामले में इंस्पेक्टर अरुण तिवारी ने चार और भीमराव आंबेडकर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में धनीराव पैंथर की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है।

पोस्टर लगने के बाद 6 गिरफ्तार
कानपुर हिंसा मामले में 40 पोस्टर जारी किए गए है। इससे अब तक 6 पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अन्य की तलाश में पुलिस लगातार जुटी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पत्थरबाज रात में अपने घरों में नहीं सो रहे हैं। ऐसे में रात में दबिश देने के बजाए खुफिया तंत्रों से गिरफ्तारी हो रही है।

ड्रोन से हो रही निगरानी
कानपुर हिंसा में लगातार फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है। इसमें सामने आया कि पत्थर ट्रक से आए थे। इसके साथ ही अब व्हाट्एस से चैट और ग्रुप डिलीट हो रहे। जांच के अनुसार करीब 15-18 ग्रुप अब तक डिलीट हुए हैं।

Updated on:
08 Jun 2022 02:51 pm
Published on:
08 Jun 2022 02:50 pm
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