
पूर्व ARTO 'धनकुबेर' ललित कुमार के घर से मिले दस्तावेज। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Lalit Kumar House: लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में रहने वाले रिटायर्ड ARTO ललित कुमार के घर से बरामद सोना, चांदी, नकदी और अन्य दस्तावेजों को कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार के स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करा दिया गया है। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद कोषागार की सुरक्षा व्यवस्था भी और सख्त कर दी गई है। परिसर की 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है।
2 दिन पहले विजिलेंस टीम ने रिटायर्ड ARTO ललित कुमार के आवास पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान टीम को 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ रुपये नकद और 15 से ज्यादा संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे। बरामद सभी कीमती सामान और दस्तावेज अब सरकारी सुरक्षा में ट्रेजरी के स्ट्रॉन्ग रूम में रख दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान ललित कुमार अधिकारियों को लगातार गुमराह करने की कोशिश करते रहे। घर से मिले सोना-चांदी को उन्होंने ससुराल से मिला उपहार बताया। हालांकि, जब अधिकारियों ने बैंक लेनदेन और संपत्तियों की खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड के बारे में सवाल किए तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ललित कुमार और उनके परिवार के नाम पर खरीदी गई अधिकांश संपत्तियों का मूल्य उनकी ज्ञात आय से करीब 35 गुना अधिक पाया गया है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि सेवाकाल के दौरान जिन-जिन जिलों में उनकी तैनाती रही, वहां उनके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं।
विजिलेंस को छापेमारी के दौरान जिन 15 संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, उनकी मौजूदा बाजार कीमत 30 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन संपत्तियों को लगभग 13 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।
छापे के दौरान घर से कई लॉकर और ज्वैलर्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली तिजोरियां भी बरामद हुईं। इनमें नकदी, सोने-चांदी के बिस्किट और आभूषण रखे हुए थे। इसके अलावा 2 कार, एक रिवॉल्वर और विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड तथा फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने करीब 3 साल पहले भी ललित कुमार के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। ताजा छापेमारी के बाद परिवहन विभाग में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों का दावा है कि विभाग के कई अधिकारी अपनी कथित बेनामी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन को लेकर सतर्क हो गए हैं।
Updated on:
12 Jul 2026 01:15 pm
Published on:
12 Jul 2026 01:15 pm
