
लखनऊ समेत 60 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; जानिए अगले चार दिनों का मौसम (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Monsoon Active Across Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और पूरब से पश्चिम तक झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के अधिकांश जिलों में लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। जहां एक ओर कई जिलों में सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने लखनऊ सहित 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है, जबकि करीब 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा है, जिसके कारण पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है। यह सिस्टम पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक प्रभाव डाल रहा है। अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी लखनऊ और अवध क्षेत्र में 13 जुलाई तक अच्छी वर्षा होने के आसार हैं।
राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह से ही लगातार बारिश का दौर जारी रहा। बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया। हजरतगंज, गोमती नगर, चौक और निशातगंज जैसे प्रमुख इलाकों में लोग बारिश का आनंद लेते दिखाई दिए। कई परिवार बच्चों के साथ बाहर निकले और सड़क किनारे चाट, टिक्की और पकौड़ी का स्वाद लेते नजर आए।
लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान नागरिकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तापमान और नमी के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया था, लेकिन लगातार बारिश से मौसम काफी आरामदायक हो गया है।
बारिश ने शहर के खानपान बाजारों में भी रौनक बढ़ा दी है। हजरतगंज और गोमती नगर की चाट दुकानों पर शाम होते ही भीड़ उमड़ पड़ी। चौक क्षेत्र में गर्म टिक्की और कचौड़ी की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। कई दुकानदारों ने बताया कि बारिश के मौसम में ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में घरों और दुकानों के सामने पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र की कई नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। बलिया, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर सहित कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। स्थानीय प्रशासन जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश कर रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत सहित कुछ जिलों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। कई जिलों का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। इससे बिजली की मांग में भी कमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने पूर्वांचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और सोनभद्र में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग का कहना है कि खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 11 से 14 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। 15 जुलाई के बाद मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आने के संकेत हैं, जिसके बाद उमस भरी गर्मी फिर से बढ़ सकती है।
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम और जल निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
मानसून की इस सक्रियता ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं जलभराव, तेज बारिश और वज्रपात जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिन राहत और सावधानी दोनों के होंगे। यदि बारिश इसी तरह जारी रहती है तो प्रदेश में मानसून की स्थिति और मजबूत होगी, लेकिन नदियों के जलस्तर और शहरी जलभराव पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है और पूरब से पश्चिम तक बारिश की फुहारें लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ मौसम का भरपूर आनंद लेने का अवसर भी दे रही हैं।
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Updated on:
11 Jul 2026 03:22 pm
Published on:
11 Jul 2026 03:22 pm
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