Karwa Chauth 27 अक्टूबर दिन शनिवार को हैं, आप को बता रहे करवा चौथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत कथा विस्तार से यहां बताई जा रही है।
लखनऊ. 2018 में करवा चौथ व्रत अक्टूबर माह की 27 तारीख दिन शनिवार को पड़ रहा है। Karva Chauth भारत की सभी विवाहित महिलाओं के लिए बहुत ही होता है। करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन पड़ता हैं। हर साल की तरह इस बार भी उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में विवाहित महिलाओं में अभी से उत्साह देखने के मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं जब सुबह के समय मन्दिर जाती है तो वहां जाकर मन्दिर के पुजारी से पूछती हैं कि इस महीने में करवा चौथ कब है, तिथि क्या हैं और शुभ मुहूर्त क्या है इसके साथ ही करवा चौथ डेट के बारे में जानना चाहती हैं।
करवा चौथ शुभ मुहूर्त (Karwa / Karva Chauth Shubh Muhurat)
लखनऊ के एक मन्दिर में रहने वाले पुजारी ने बताया है कि यहां सुबह के समय जो विवाहित महिलाएं दर्शन के लिए मन्दिर आतीं हैं और करवा चौथ के बारे विस्तार से जानकारी लेती हैं। इस पर पुजारी ने बताया है कि इस बार करवा चौथ 27 अक्टूबर दिन शनिवार को हैं। करवा चौथ व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 7.36 से 8.54 तक है इसकी अवधि केवल 20 मिनट ही बताई जा रही है और करवा चौथ डेट 27 अक्टूबर है।
करवा चौथ पूजा विधि (Karwa/Karva Chauth Puja Vidhi)
हिन्दू धर्म के अनुसार Karwa Chauth Vrat क्वार माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन सभी महिलाएं पुरे दिन निर्जला उपवास रखती है और शाम के समय की पूजा चंद्रमा के निकलने से पूर्व ही करती हैं। इसके साथ ही करवा माता का भी पूजन भी कर लेती हैं। इसके बाद रात में चांद को अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलती है। करवा चौथ व्रत सभी विवाहित महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु और अच्छे जीवन की कामना के लिए रखती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है।
उत्तर प्रदेश सहित पुरे भारत में इस करवा चौथ व्रत पर्व को बड़ी प्रसन्नता के साथ मनाया जाता है लेकन करवा चौथ का पर्व उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में बड़े ही उत्साह के साथ जोर-शोर से मनाया जाता है।
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करवा चौथ पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
1. करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाता है जिसका समापन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद हो जाता है।
2. चांद को अर्घ्य देने का बाद ही महिलाएं सबसे पहले अपने पति के हांथों से पानी पीती हैं और बाद में पहले पति को भोजन कराकर ही स्वयं खाना खाती हैं।
3. इस दिन शाम के समय की पूजा चंद्रमा के निकलने से पूर्व ही कर ली जाती है। इसके साथ ही करवा माता का भी पूजन कर लिया जाता है।
4. जब महिलाएं करवा चौथ व्रत के पूजा करने जाएं तो व्रत रखने वाली महिला को चेहरा पूरब की तरफ होना अति आवश्यक हैं।
5. करवा चौथ व्रत में महिलाओं को कुछ भी नहीं खाना चाहिए और महिलाओं को पूरे दिन निर्जला व्रत रखना पड़ता हैं।