
किन्नर पायल ने लखनऊ मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की बात कही है। पायल ने सपा से टिकट मिलने का भी भरोसा जताया है। पायल ने एक वीडियो शेयर करके अखिलेश यादव का धन्यवाद भी दिया है। इसके बाद से पायल चर्चा में बनी हुई हैं। पायल सिंह लखनऊ में किन्नरों की गुरू हैं। पायल आज मेयर का चुनाव लड़ने जा रही है, लेकिन पायल के लिए ये सफर बहुत ही मुश्किल रहा है।
समझ नहीं आता 'पापा मुझपर इतना गुस्सा क्यों करते हैं'
यूपी के उन्नाव के गांव बहरामऊ में पैदा हुई पायल मां-बाप के तीन बच्चों में सबसे छोटी हैं। बाकी भाई बहनों की तरह पायल को बचपन में कभी मां-पापा का प्यार नहीं मिला। वजह थी पायल का किन्नर होना। पायल बताती हैं कि ' मेरे पापा मेरे किन्नर होने का गुस्सा मेरी मां पर उतारते थे।
पायल ने कुछ सनय पहले एक इंटरव्यू में कहा था, 'मेरे पापा को मोहल्ले वाले किन्नर का बाप कहके चिढ़ाते थे। पापा मोहल्ले वालों की खीज मां पर उतारते थे। हर रोज मां की पिटाई करते थे। मैं बड़ी हुई तो मेरी पिटाई होना एक आम बात हो गई। तब मुझे समझ भी नहीं आता था कि पापा क्यों मार रहे हैं।"
पायल को लिपस्टिक थी पंसद, पापा को आता था गुस्सा
पायल ने आगे बताया कि जब बड़ी हो रही थी तब लड़कियों वाले शौक बढ़ने लगे। लड़कियों की तरह सजने सवरने का मन करने लगा। पायल लिपस्टिक लगाती, खुद को आईने में निहारतीं। लेकिन उनका ये शौक पापा को खूब गुस्सा दिलाता था। पापा गुस्से में उनकी मां को पीटने लगते थे।
स्कूल टीचर कहता था- पढाई नहीं, नाचना है तुम्हारा काम
पायल ने बताया कि जब वो स्कूल पढ़ने जाती थीं तो टीचर उनसे डांस करवाता था। लंच के टाइम में उसे गाना गाने को कहते थे। जब वो पढ़ने को कहती तो टीचर कहा करते थे कि यही तुम्हारी पढ़ाई है। इसी हरकतों से तंग आकर पायल ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी।
पायल ने किन्नरों पर बनाई है फिल्म
पायल ने किन्नरों पर फिल्म भी बनाई है। पायल ने ही फिल्म को डायरेक्ट किया था और लीड रोल में भी वही थीं। इस फिल्म में किन्नर पायल ने अपनी और अपने समुदाय के दर्द को कहने की कोशिश की है।
अब मेयर बनने की चाह
पायल की चाह अब लखनऊ की मेयर बनने की है। उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उनका कहना है कि उनको अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया है। हालांकि वो सपा से चुनाव लड़ेंगी या नहीं इसका पता तो पार्टी के आधिकारिक ऐलान के बाद ही चलेगा।