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BRICS समिट में विपक्षी मुख्यमंत्रियों की गैर-मौजूदगी पर अवधेश प्रसाद का हमला, बोले- BJP की मानसिकता लोकतंत्र विरोधी

Awadhesh Prasad Statement on Brics Summit: ब्रिक्स समिट में विपक्षी मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर निशाना साधा। सपा सांसद ने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश करार दिया। पूरी खबर पढ़िए...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Sep 14, 2026

SP MP Awadhesh Prasad

सपा सांसद अवधेश प्रसाद (फोटो सोर्स- IANS)

BRICS Summit 2026: दिल्ली में इन दिनों का आयोजन हुआ। इस बीच सम्मेलन में विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित न किए जाने को लेकर भी सियासत तेज है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर बेहद तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां के मुख्यमंत्रियों को इस आयोजन में नहीं बुलाया गया।

अवधेश प्रसाद ने बताया लोकतंत्र के लिए खतरा

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि ब्रिक्स बैठक में विपक्षी मुख्यमंत्रियों की गैर-मौजूदगी भाजपा की संकीर्ण और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां की सरकारों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का मौका नहीं दिया गया। अवधेश प्रसाद ने कहा कि, "यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकारें हैं और केंद्र को सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने ब्रिक्स सम्मेलन के परिणामों पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इस उच्च स्तरीय सम्मेलन से ऐसा कुछ खास हासिल नहीं हुआ जिससे दुनिया भर में चल रहे विनाशकारी युद्धों को रोका जा सके। अगर ये ब्रिक्स देश एक मंच पर आकर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकते या ईरान से जुड़े संघर्ष में संबंधित पक्षों को समझा पाते तो स्थिति कुछ और होती। उन्होंने कहा कि ये युद्ध पूरी दुनिया को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं इनसे संकट में हैं और दुनिया के किसी भी हिस्से का इससे अछूता रहना पूरी तरह असंभव है।

ब्रिक्स समिट को लेकर सियासत तेज

बता दें कि दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष शामिल हुए। भारत ने इस सम्मेलन की मेजबानी की। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

ब्रिक्स समिट को लेकर विपक्ष की ओर से बयानबाजी तेज है, वहीं भाजपा इस इस शिखर सम्मेलन को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और कूटनीतिक प्रभाव का अहम मंच बता रही है। अवधेश प्रसाद का बयान इसी राजनीतिक बहस के बीच आया है। उन्होंने ब्रिक्स आयोजन में विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ दिया है।