
बसपा सुप्रीमो मायावती (PC: ANI)
Mayawati Statement on Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आज एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए न केवल अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी बल्कि अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर भी एक बहुत बड़ा बयान दिया है। बसपा प्रमुख ने मीडिया के सामने आकर अपनी बीमारी से जुड़ी सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में आयोजित हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर भी अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
मायावती ने कहा कि पिछले एक-डेढ़ महीने से वह कई बड़े मुद्दों पर मीडिया के सामने आने के बजाय सीधे X के जरिए अपनी बात रख रही थीं। लेकिन रविवार को प्रेस-वार्ता करने के पीछे उन्होंने 3 प्रमुख वजहें बताईं। इनमें दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर बसपा की प्रतिक्रिया, लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती विभाग के कर्मचारियों की समस्याएं और देशभर में बसपा के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना शामिल है।
इसके साथ ही मायावती ने कहा कि लोगों के दिमाग में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि मैं पिछले एक-डेढ़ महीने से बड़े-बड़े मामले भी सिर्फ ट्वीट के जरिए ही रख रही थी तो आज अचानक मीडिया के सामने क्यों आई? उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य कारण देश-भर में पार्टी कार्यकर्ताओं को अफवाहों से सावधान करना है। मायावती ने आरोप लगाया कि पार्टी से निकाले गए कुछ लोगों ने पिछले एक दो-दिनों से यह भ्रम फैलाया हुआ है कि बहनजी काफी बीमार चल रही हैं।
अपनी बात को साबित करने के लिए मायावती ने आकाश आनंद से जुड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कल रात 10 बजकर 4 मिनट पर पार्टी के प्रभारी आलोक कुमार के पास आकाश आनंद का फोन आया था। आकाश ने आलोक से पूछा- क्या बहनजी बीमार चल रही हैं, उनका स्वास्थ्य कैसा है? आलोक ने जवाब दिया कि वह बिल्कुल ठीक हैं और अपने काम में लगी हुई हैं। मायावती ने बताया कि आकाश ने आलोक से यह भी कहा कि मेरी यह बात बहनजी को मत बताना।
मायावती ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह काफी गंभीरता से सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद की मानसिकता सही भी हो सकती है और गलत भी, क्योंकि आकाश आनंद अभी भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा है बल्कि श्री अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से ही काम कर रहा है।
प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर भी विस्तृत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा यूक्रेन और ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाइयों और उत्पन्न गंभीर आर्थिक संकट तनाव और चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों द्वारा 140 अनुच्छेदों वाली नई दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से अपनाना एक कूटनीतिक जीत है। यह सभी देशों की दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता को दर्शाती है। उन्होंने ब्रिक्स मुद्रा के विकास को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मायावती ने फिलिस्तीन मुद्दे पर दो राज्य समाधान और 1967 की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के लिए ब्रिक्स देशों के सर्वसम्मत समर्थन की भी सराहना की। उन्होंने पहलगाम घटना का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद से हर संभव तरीके से लड़ने की प्रतिबद्धता जताकर भारत के दृष्टिकोण को जो उचित समर्थन मिला है वह काबिले तारीफ है।
पड़ोसी देश चीन के साथ संबंधों पर बोलते हुए मायावती ने कहा कि बेहतर होगा यदि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को जल्द से जल्द द्विपक्षीय बातचीत के जरिए हल कर लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने लखनऊ में धरने पर बैठे पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भी सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
Updated on:
13 Sept 2026 02:00 pm
Published on:
13 Sept 2026 02:00 pm
