
गोंडा जा रहे चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोका, समर्थकों ने टोल बैरियर तोड़ा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Gonda Murder Case: गोंडा के विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के बाद मृतक के परिजनों से मिलने जा रहे नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में पुलिस ने रोक लिया। मसौली थाना क्षेत्र के शहाबपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने उनका काफिला रोका और बाद में उन्हें रामनगर स्थित सर्किट हाउस ले जाया गया। सांसद को रोके जाने की कार्रवाई से उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। आरोप है कि इसी दौरान समर्थकों ने शहाबपुर टोल प्लाजा का बैरियर जबरन तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
बताया गया है कि चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ गोंडा जा रहे थे। उनका उद्देश्य विनोद कुमार साहनी हत्याकांड में मृतक के परिवार से मुलाकात करना और परिजनों से घटना की जानकारी लेना था। इसी दौरान बाराबंकी के शहाबपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया। सांसद को रोके जाने के कारणों को लेकर फिलहाल पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, मौके पर मौजूद समर्थकों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी दिखाई दी। चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों का कहना था कि सांसद मृतक परिवार से मिलने जा रहे थे और उन्हें इस तरह रोकना उचित नहीं है।
मसौली थाना क्षेत्र के शहाबपुर टोल प्लाजा पर पुलिस की मौजूदगी में चंद्रशेखर आजाद का काफिला रोका गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें संरक्षण में लिया और बाद में रामनगर स्थित सर्किट हाउस ले गई। इस दौरान उनके साथ मौजूद समर्थकों में असंतोष बढ़ गया। घटना के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई के बाद समर्थकों ने टोल प्लाजा पर विरोध जताया। इसी दौरान आरोप है कि कुछ समर्थकों ने टोल बैरियर को जबरन तोड़ दिया। बैरियर टूटने के बाद टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात संभालने का प्रयास किया।
चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के बाद समर्थकों की नाराजगी टोल प्लाजा पर दिखाई दी। आरोप है कि समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए टोल बैरियर तोड़ दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में हलचल बढ़ गई। हालांकि, बैरियर तोड़ने की घटना में कितने लोग शामिल थे और इससे टोल प्लाजा को कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद को शहाबपुर टोल प्लाजा से रामनगर स्थित सर्किट हाउस ले जाया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें संरक्षण में लिया था। इस कार्रवाई के दौरान उनके समर्थकों में नाराजगी बनी रही। सांसद को सर्किट हाउस ले जाने के बाद पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें कितनी देर तक वहां रखा गया और इसके बाद उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई या नहीं। पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
गोंडा के विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के बाद मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मृतक के परिजनों से मिलने के लिए चंद्रशेखर आजाद का गोंडा जाना इसी घटनाक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर वह कई मामलों में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं उठाते रहे हैं। विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद उनके परिवार में दुख का माहौल है। इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है। चंद्रशेखर आजाद का मृतक परिवार से मिलने जाना इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
सांसद को रोके जाने की कार्रवाई को लेकर उनके समर्थकों में सवाल उठ रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यदि कोई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा है तो उसे रोकने के बजाय सुरक्षा के साथ आगे जाने दिया जाना चाहिए। वहीं पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि चंद्रशेखर आजाद को किस आधार पर रोका गया। पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़े जाने के आरोपों की भी जांच की जा सकती है। यदि संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
शहाबपुर टोल प्लाजा पर चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के बाद समर्थकों की नाराजगी से कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। टोल बैरियर टूटने की घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों और यात्रियों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा रही। टोल प्लाजा पर सामान्य यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से घटना के संबंध में विस्तृत बयान जारी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि इस दौरान कितनी देर तक स्थिति तनावपूर्ण रही।
फिलहाल चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने और टोल बैरियर तोड़े जाने की घटना को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों, बैरियर तोड़ने वालों की पहचान और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की ओर से जानकारी आने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने के पीछे क्या कारण था और उनके समर्थकों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं। फिलहाल इस घटनाक्रम ने गोंडा के हत्याकांड को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है।
गोंडा के विनोद कुमार साहनी हत्याकांड में मृतक के परिजनों से मिलने जा रहे चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में रोके जाने के बाद अब आगे की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। मृतक परिवार से मुलाकात के लिए उनका गोंडा जाना राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
Updated on:
13 Sept 2026 03:18 pm
Published on:
13 Sept 2026 03:18 pm
