लखनऊ

कोरोना वायरस साइड इफेक्ट: दिमाग के साथ-साथ सूंघने की क्षमता होती है प्रभावित

आज पूरा देश संक्रमण के खतरे से जूझ रहा है। नतीजतन देशभर में अब तक 5000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 200 पार है

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Jun 01, 2020
कोरोना वायरस साइड इफेक्ट: दिमाग के साथ-साथ सूंघने की क्षमता होती है प्रभावित

लखनऊ. महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस (Covid-19) ने देश को तबाही की कगार पर ला कर खड़ा कर दिया है। आज पूरा देश संक्रमण के खतरे से जूझ रहा है। नतीजतन देशभर में अब तक 5000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, तो वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 200 पार है।

कोरोना वायरस एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो कि संक्रमित व्यक्ति के दिमाग में बदलाव करने के साथ-साथ उसके स्वाद और सूंघने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। एक शोध में ये बात सामने आई है कि कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के दिमाग में बदलाव करता है। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोनावायरस संक्रमण के कारण सूंघने की क्षमता में कमी आना काफी सामान्य लक्षण है।

सूंघने की क्षमता होती है प्रभावित

शोध में यह बात सामने आई है कि 65 फीसदी संक्रमित लोगों में सूंघने की क्षमता कम हो गई है। इतालवी शोधकर्ताओं ने अपने शोध में मेडिकल इमेजिंग द्वारा दिखाया है कि यह लक्षण सिर्फ कोरोनावायरस के हवा की नली में संक्रमण की वजह से नहीं होता है बल्कि वायरस दिमाग पर भी हमला करता है। ब्रेन इमेज में दिमाग के उस हिस्से में हल्का सा बदलाव देखने को मिला है जो सूंघने की क्षमता प्रदान करता है।

अपनी प्रवृत्ति में बदलाव कर रहा वायरस

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट ने इस मामले में कहा है कि केजीएमयू में अभी तक ढ़ाई लाख मरीजों का परीक्षण किया गया है। उत्तर प्रदेश में इस पर शोध भी शुरू किया गया है। दरअसल हर वायरस की एक तीव्रता होती है और नोवेल कोरोना वायरस की भी संक्रमण शक्ति है, क्योंकि यह वायरस लगातार अपनी प्रवृति में बदलाव कर रहा है।

बता दें कि प्रदेश में अब तक 8 हजार से अधिक संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमण का दायरा बढ़ता देश मुख्यमंत्री योगी ने कोविड-19 अस्पतालों में एक लाख बेड निर्धारित करने का लक्षय दिया था, जो कि पूरा किया जा चुका है।

Published on:
01 Jun 2020 02:44 pm
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