Lucknow Airport Boost: लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर नया टैक्सी-वे P3 शुरू होने से विमानों की आवाजाही आसान होगी, होल्डिंग क्षमता बढ़ेगी और पीक आवर्स में ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर हो सकेगा।
Lucknow Amausi Airport: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी एयरपोर्ट) पर यात्रियों और विमान संचालन से जुड़ी एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने नया टैक्सी-वे P-3 शुरू कर दिया है, जिससे अब यहां टैक्सी-वे की संख्या 7 से बढ़कर 8 हो गई है। इस नई सुविधा के शुरू होने से विमान संचालन अधिक सुगम और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ते हवाई यातायात के चलते संचालन पर दबाव बढ़ रहा था। नए टैक्सी-वे के शुरू होने से न केवल विमानों की होल्डिंग क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट भी पहले से अधिक आसान हो जाएगा।
टैक्सी-वे वह मार्ग होता है, जिसके जरिए विमान रनवे तक पहुंचते हैं या वहां से पार्किंग बे तक आते-जाते हैं। यदि टैक्सी-वे की संख्या कम होती है, तो विमानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे देरी और जाम जैसी स्थिति बन जाती है। अमौसी एयरपोर्ट पर लंबे समय से टैक्सी-वे की कमी महसूस की जा रही थी। बढ़ती फ्लाइट्स और यात्रियों की संख्या के कारण कई बार विमानों को रनवे पर या टैक्सी-वे पर इंतजार करना पड़ता था, जिससे संचालन प्रभावित होता था।
लखनऊ एयरपोर्ट पर वर्तमान में रोजाना लगभग 110 से 116 उड़ानों का संचालन हो रहा है। इसके साथ ही हर दिन करीब 17 हजार यात्री इस एयरपोर्ट से यात्रा करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ा है। त्योहारों, छुट्टियों और व्यस्त समय में यह दबाव और भी अधिक हो जाता है। ऐसे में टैक्सीवे की कमी के कारण कई बार फ्लाइट्स को होल्ड पर रखना पड़ता था, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता था।
नए टैक्सी-वे P-3 के शुरू होने से अब विमानों की आवाजाही ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। इससे एक साथ अधिक विमानों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी और रनवे पर भीड़भाड़ कम होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह नया टैक्सी-वे पीक आवर्स में सबसे ज्यादा मददगार साबित होगा। सुबह और शाम के समय जब फ्लाइट्स की संख्या अधिक होती है, तब ट्रैफिक मैनेजमेंट एक बड़ी चुनौती बन जाता है। अब नए टैक्सी-वे के चलते विमानों को कम समय में टेक ऑफ और लैंडिंग की अनुमति मिल सकेगी।
एयरपोर्ट प्रशासन लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहा था। टैक्सी-वे की कमी के चलते संचालन में बार-बार बाधाएं आती थीं और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भी अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ता था। नए टैक्सी-वे के शुरू होने से प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल संचालन बेहतर होगा, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली फ्लाइट्स के लिए भी आधार तैयार हो गया है।
इस नई सुविधा का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। फ्लाइट्स के समय पर संचालन की संभावना बढ़ेगी, जिससे देरी कम होगी। इसके अलावा, विमान के टैक्सी करने में लगने वाला समय भी घटेगा, जिससे यात्रा का कुल समय कम हो सकता है। यात्रियों को अक्सर टेकऑफ या लैंडिंग के बाद विमान में बैठकर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है।