
केशव प्रसाद मौर्य का सपा पर बड़ा हमला, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Keshav Prasad Maurya Statement: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सपा को कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी का मतलब ही महिला सुरक्षा को खतरे में डालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद रहते थे। उन्होंने कहा कि कोई भी मां या बहन कभी नहीं चाहेगी कि उसकी सुरक्षा खतरे में पड़े, लेकिन सपा की नीतियां और कार्यशैली महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं।
डिप्टी सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने कई बार चुनावों में उन्हें नकारा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में आधी आबादी ने सपा को सत्ता से उखाड़ फेंका था। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी जनता ने सपा को हराया। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 में भी सपा को जनता ने करारा जवाब दिया है।मौर्य ने दावा किया कि यह हार इस बात का प्रमाण है कि जनता सपा की नीतियों और कार्यशैली को स्वीकार नहीं करती।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय दंगाई और गुंडे खुलेआम घूमते थे और आम जनता भय के माहौल में जीने को मजबूर थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
डिप्टी सीएम ने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी में दंगाइयों और गुंडों की भरमार है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सपा की पहचान बन चुके हैं, जो प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव “मुंगेरी लाल के हसीन सपने” देख रहे हैं और उन्हें हकीकत का अंदाजा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर ही वोट करती है।
डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर और तेज होने की संभावना है। भाजपा और सपा के बीच पहले से ही तीखी प्रतिस्पर्धा है, ऐसे में इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को और गरमा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपने-अपने स्तर पर जनता को साधने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में नेताओं के बयान भी अधिक आक्रामक होते जा रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि राजनीतिक दलों को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनता के मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर ठोस कार्य और योजनाएं ही जनता का विश्वास जीत सकती हैं। कुल मिलाकर, केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई बहस को जन्म देता है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
Updated on:
23 Mar 2026 12:50 pm
Published on:
23 Mar 2026 12:39 pm
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