रामजन्भूमि के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा काम देखकर करेंगे आप राम—रामश्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तरह रामलला के प्राकट्योत्सव का होगा सजीव प्रसारणरामलला का स्थान बदलने के लिए रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दी हरी झंड़ीप्रस्तावित स्थल की साफ-सफाई का काम शुरू
लखनऊ. मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का जिस तरह से लाइव प्रसारण होता है उसी तरह अब पूरी दुनिया में अयोध्या से रामलला के प्राकट्योत्सव का सजीव प्रसारण किया जाएगा। रामजन्भूमि के इतिहास में पहली बार दूरदर्शन व आकाशवाणी इस उत्सव का प्रसारण करेगा। जिला प्रशासन फिलहाल तैयारियों में जुटा हुआ है।
रामजन्मभूमि विवाद के बीच छह दिसम्बर की घटना और फिर आतंकी गतिविधियों की वजह से पूरा परिसर 9 अक्टूबर 2019 तक संगीनों के साए में जकड़ा हुआ था। रामलला का उत्सव सिर्फ औपचारिकता रह गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पांच फरवरी से जब श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अस्तित्व में आया तो रामलला के जन्मोत्सव को पूरे देश में प्रसारित करने की योजना बुनी जाने लगी। साथ ही बहुत सारे ऐसे श्रद्धालु भी हैं जो इस अद्भुत नजारे से वंचित रहने की वजह से मन मसोसकर रह जाते पर अब उनका इच्छा पूरी हो जाएगी। यह सभी घर बैठे दूरदर्शन व आकाशवाणी के माध्यम से रामलला का सजीव प्राकट्योत्सव देख सकेंगे।
नए स्थान पर विराजमान होंगे रामलला :- रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के स्थान परिवर्तन की प्राथमिक तैयारियों को शासन व परिसर के सुरक्षा अधिकारियों की संतुष्टि के बाद श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव व अन्य न्यासियों ने भी हरी झंडी दे दी है। अब प्रस्तावित स्थल की साफ-सफाई का काम शुरू हो गया है। विराजमान रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येन्द्र दास ने बताया कि परिसर में रामलला का नया स्थान गैंग-वे के निकट डी थ्री बैरियर के पूरब में निर्धारित कर दिया गया है।
बड़ी संख्या में रामलला के जन्म के साक्षी बनेंगे श्रद्धालु :- अब निर्माण कार्य पूरा होने तक रामलला यहीं विराजमान रहेंगे। चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी इस बार दो अप्रैल को है। गर्भगृह भले वैकल्पिक होगा पर इसबार श्रीरामजन्मोत्सव भव्य-दिव्य और रंगारंग तरीके से मनेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के जन्म के साक्षी बनेंगे। भजन-कीर्तन और संगीत की महफिल सजेगी। जो श्रद्धालु रामनगरी पहुंच नहीं पाएंगे, उनके लिए जन्मोत्सव का लाइव प्रसारण होगा। जिसका सजीव प्रसारण पहली बार दूरदर्शन व आकाशवाणी के जरिए देख सकेंगे। अयोध्या मे सार्वजनिक स्थलों पर लगी बड़ी स्क्रीन से जनता जन्मोत्सव के उल्लास में सराबोर हो पाएंगी।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव एवं विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय के अनुसार, 25 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र के दौरान रामलला वैकल्पिक गर्भगृह में स्थापित हो जाएंगे। यहां भी पूजा की खास व्यवस्था रहेगी।