
बुंदेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित, अगले पांच दिनों में 5 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Mausam Samachar: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बीते कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश और झोंकेदार हवाओं से राहत महसूस कर रहे लोगों को अब भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में लू और तेज तपिश का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
प्रदेश में 13 और 14 मई को आए तेज आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया था। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा।
हालांकि आंधी और हल्की बारिश के कारण कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या अन्य मौसम तंत्र प्रदेश में प्रभावी नहीं है। इसी कारण अब सूर्य की तेज किरणें सीधे जमीन को गर्म करेंगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा।
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बुंदेलखंड क्षेत्र के आठ जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं-
इन जिलों में दोपहर के समय तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
शुक्रवार को बुंदेलखंड का बांदा जिला प्रदेश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।
प्रदेश के प्रमुख गर्म शहरों का तापमान इस प्रकार रहा-
| जिला | अधिकतम तापमान |
|---|---|
| बांदा | 43.6°C |
| उरई | 43°C |
| झांसी | 42.8°C |
| प्रयागराज | 42.8°C |
| आगरा | 41.8°C |
मौसम विभाग का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहा तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
राजधानी समेत प्रदेश के मध्य हिस्सों में भी अब गर्मी का असर तेजी से दिखाई देगा। शुक्रवार को लखनऊ में दिनभर तेज धूप रही और दोपहर में गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में लखनऊ का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही तेज धूप निकलने और रात में उमस बढ़ने की संभावना है। शहर में सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही कम दिखाई दे रही है। बाजारों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक Atul Kumar Singh के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। विकिरणीय ऊष्मन के कारण अगले पांच दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 18 और 19 मई के लिए कई जिलों में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन दिनों गर्मी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
लू यानी हीट वेव ऐसी स्थिति होती है जब तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है और गर्म हवाएं चलती हैं। लगातार गर्म हवा और तेज धूप शरीर को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का शिकार बना सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है-
डॉक्टरों का कहना है कि तेज गर्मी में शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। ऐसे में चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
भीषण गर्मी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ने लगा है। बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। किसान गर्म हवाओं के कारण सब्जियों और अन्य फसलों के नुकसान को लेकर चिंतित हैं। जानकारों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो खेतों में सिंचाई की जरूरत बढ़ जाएगी। इससे किसानों की लागत भी बढ़ सकती है।
तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत में भी तेजी आई है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल के कारण कई जिलों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
तेज गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं। चौराहों और बाजारों में भी लोगों की भीड़ कम हो रही है। ठंडे पेय पदार्थ, आइसक्रीम और फलों की मांग अचानक बढ़ गई है। वहीं नारियल पानी और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिन प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे। यदि कोई नया मौसम तंत्र सक्रिय नहीं हुआ तो गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। मानना है कि मई के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है।
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Updated on:
16 May 2026 05:13 pm
Published on:
16 May 2026 05:13 pm
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