
हरिद्वार के VIP घाट पर हुआ अस्थि विसर्जन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
Prateek Yadav Asthi Visarjan Haridwar: हरिद्वार के पवित्र गंगा घाट पर शनिवार का दिन बेहद भावुक और मार्मिक दृश्यों का साक्षी बना। स्वर्गीय प्रतीक यादव की अस्थियों के विसर्जन के दौरान परिवार की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन दिखाई दे रहा था।
Aditya Yadav और Aparna Yadav ने पूरे विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के साथ हरिद्वार में गंगा तट पर प्रतीक यादव को अंतिम विदाई दी। इस दौरान अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ मौजूद रहीं। अस्थि विसर्जन के समय परिवार खुद को संभाल नहीं पा रहा था। नम आंखें, भारी मन और यादों के बीच परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस भावुक पल में योग गुरु Baba Ramdev भी परिवार के साथ नजर आए।
हरिद्वार के घाट पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी शुरू हो गई थी। परिवार के सदस्य सफेद वस्त्रों में गंगा तट पहुंचे। पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अस्थि कलश को श्रद्धा के साथ गंगा में प्रवाहित किया गया।
अस्थि विसर्जन के दौरान कई बार ऐसा क्षण आया जब आदित्य यादव और अपर्णा यादव भावुक हो उठे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। पूरे माहौल में शोक और संवेदना साफ महसूस की जा सकती थी।
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक यादव का परिवार से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। अंतिम विदाई के समय यही भाव सभी के चेहरों पर साफ दिखाई दे रहा था। कई लोगों की आंखें उस समय भर आईं जब अपर्णा यादव अपनी बेटियों के साथ अस्थि विसर्जन करती नजर आईं। घाट पर मौजूद कई लोग इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। एक करीबी ने कहा कि “कुछ रिश्ते कभी खत्म नहीं होते। लोग भले इस दुनिया से चले जाएं, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं।”
इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव भी परिवार के साथ हरिद्वार घाट पर मौजूद रहे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बाबा रामदेव ने धार्मिक अनुष्ठान के दौरान कुछ समय तक परिवार के साथ रहकर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की। घाट पर मौजूद लोगों ने भी उन्हें परिवार के साथ भावुक बातचीत करते देखा।
हिंदू धर्म में अस्थि विसर्जन को अंतिम संस्कार की महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। मान्यता है कि पवित्र गंगा में अस्थियां प्रवाहित करने से आत्मा को शांति और मोक्ष प्राप्त होता है। हरिद्वार को देश की सबसे पवित्र धार्मिक नगरी में गिना जाता है। यहां हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर प्रतिदिन हजारों लोग अपने परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचते हैं। प्रतीक यादव के अस्थि विसर्जन के दौरान भी पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की गई। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया।
अस्थि विसर्जन के दौरान परिवार के सदस्य बार-बार भावुक होते दिखाई दिए। अपर्णा यादव अपनी बेटियों के साथ कई बार खुद को संभालती नजर आईं। आदित्य यादव भी बेहद भावुक दिखे। घाट पर मौजूद लोगों ने परिवार को सांत्वना दी और ईश्वर से दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि प्रतीक यादव के निधन ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया है।
हरिद्वार घाट पर कई शुभचिंतक और परिचित भी पहुंचे। लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कई लोगों ने कहा कि प्रतीक यादव का व्यवहार बेहद सरल और सौम्य था। उनके निधन की खबर ने सभी को गहरा दुख पहुंचाया है।
अस्थि विसर्जन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग लगातार संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है और ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दे। सोशल मीडिया पर “ॐ शांति”, “भावपूर्ण श्रद्धांजलि” और “ईश्वर आत्मा को शांति दे” जैसे संदेश लगातार साझा किए जा रहे हैं।
हरिद्वार केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां गंगा घाट पर अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन की परंपरा सदियों पुरानी है। लोग मानते हैं कि हरिद्वार में गंगा के पवित्र जल में अस्थि विसर्जन करने से आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। यही कारण है कि देशभर से परिवार अपने प्रियजनों की अस्थियां लेकर यहां पहुंचते हैं।
जीवन और मृत्यु का सत्य हर किसी को भावुक कर देता है। जब कोई अपना हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला जाता है, तो उसकी यादें ही सबसे बड़ा सहारा बनती हैं। प्रतीक यादव को अंतिम विदाई देते वक्त भी यही भाव हर किसी की आंखों में साफ दिखाई दिया। परिवार के सदस्य उन्हें याद करते हुए भावुक हो उठे।
Updated on:
16 May 2026, 3:52 PM IST
Published on:
16 May 2026, 3:52 PM IST
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